DGP Dilbag Singh

ड्यूटी के दौरान इस वर्ष 40 पुलिसकर्मियों ने दी शहादत : डी.जी.पी. दिलबाग सिंह

जम्मू-कश्मीर पुलिस प्रमुख दिलबाग सिंह ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में ड्यूटी के दौरान इस वर्ष 40 पुलिसकर्मी शहीद हुए हैं। जेवन में पुलिस स्मरणोत्सव दिवस उक्त बातें करते हुए डी.जी.पी. ने कहा कि अनंतनाग में अपने घर के बाहर शहीद हुए एक कांस्टेबल मोहम्मद अशरफ सहित उग्रवादियों से लड़ते हुए इस साल अब तक 40 पुलिसकर्मी शहीद हो गए हैं। पुलिस महानिदेशक ने कहा कि जम्मू-कश्मीर पुलिस यू.टी. में शांति के लिए प्रतिबद्ध है और हम शांति व्यवस्था को बनाए रखने के लिए सर्वोच्च बलिदान देते हैं और देते रहेंगे। जम्मू-कश्मीर पुलिस देश के सर्वश्रेष्ठ पुलिस बलों में से एक बनकर उभर कर आई है। बल, पेशेवर कर्त्तव्यों के अलावा, पिछले 3 दशकों से विदेशी प्रायोजित आतंकवाद से लड़ रहा है और आगे भी लड़ता रहेगा। जम्मू-कश्मीर में स्थायी शांति सुनिश्चित करने के लिए जम्मू-कश्मीर प्रयासरत है। जम्मू-कश्मीर पुलिस की भूमिका को सरकार के उच्चतम स्तर पर और देश के लोगों द्वारा भी स्वीकार किया जा रहा है, जिसने इस संगठन के झंडे को सम्मान और प्रतिष्ठा के साथ ऊंचा किया है। बल द्वारा प्रदर्शित किए जा रहे व्यावसायिकता की देश के प्रसिद्ध नेताओं द्वारा विभिन्न मंचो पर सराहना की गई है। अपने पेशेवर कर्तव्यों के अलावा बल विभिन्न क्षमताओं के तहत लोगों की सेवा करने में हमेशा सबसे आगे रहा है। स्वास्थ्य संकटों की अवधि के दौरान जम्मू-कश्मीर पुलिस लोगों को मदद और सहायता प्रदान करने के लिए सबसे आगे रही इसके अलावा सरकार द्वारा जारी किए गए सुनिश्चित किए गए स्वास्थ्य प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन किया जाता है। उन्होंने कहा कि यह पुलिस बल की व्यवसायिकता और प्रतिबद्धता के कारण है कि आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृह मंत्री और अन्य केन्द्रीय मंत्री हर मौके पर जे.के पुलिस की भूमिका की प्रशंसा करते आए हैं। उन्होंने कहा कि पिछले 30 वर्षों में जेके में अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए अब तक 6000 पुलिसकर्मी शहीद हो चुके हैं।