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जालंधर में प्रवासी मजदूरों के लिए बनाए 9 आश्रय गृह

जालंधर: कोरोना वायरस (कोविड 19) के प्रकोप के मद्देनजर पंजाब में जालंधर जिला प्रशासन ने प्रवासी मजदूरों का पयालन रोकने के लिए जिले में नौ आश्रस्थापित किए हैं, जहां इन प्रवासी मजदूरों को रहने, खाने-पीने और सेहत से संबंधित जरुरी सुविधाएं मुहैया करवाई जाएंगी। जालंधर के उपायुक्त वरिंदर कुमार शर्मा ने शनिवार को प्रवासी मजदूरों के कल्याण और उनके पलायन को रोकने के लिए मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेंदर सिंह की अगवाई में पंजाब सरकार की तरफ से उठाए जा रहे कदमों की जानकारी देते हुए कहा कि जिला प्रशासन इस पलायन को रोकने के लिए पूरी तरह से वचनबद्ध है और इस दिशा में हर तरह की जरुरी कदम उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिन प्रवासी मजदूरों के पास रहने की व्यवस्था नहीं है, खाने-पीने का कोई इंतजाम नहीं है या उन्हें कोई सेहत सुविधा चाहिए, वे निसंकोच इन आश्रय गृहों में आ सकते हैं। उन्होंने बताया कि लम्मा ¨पड चौक के डेरा राधा स्वामी सत्संग घर में आश्रय गृहों  स्थापित किया गया है। इसी तरह खांबरा, चौहर, रहमानपुर, बस्ती शेख/ बस्ती दानिशमंदा, लोहियां, शाहकोट, नकोदर और गोरायां के गोहावर स्थित डेरा राधा स्वामी सत्संग ब्यास में भी इसी तरह के आश्रय गृह स्थापित किए गए हैं।

शर्मा ने बताया कि इन सभी आश्रय गृहों में जरुरी वस्तुओं की आपूर्ति और मेडीकल सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए नोडल अधिकारियों की तैनाती की गई है, साथ ही व्यवस्था संभालने के लिए एक कमेटी बनाई गई है। इस कमेटी में सहायक कमिश्नर (शिकायतें) रणदीप सिंह गिल, सहायक श्रम आयुक्त बलजीत सिंह, डीएसपी बलकार सिंह, एसपी र¨वदर सिंह, जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक नरिंदर सिंह और संबंधित उप मंडल मजिस्ट्रेट, एसडीएम पावर कार्पोरेशन और पब्लिक हेल्थ शामिल किए गए हैं। जालंधर के पुलिस आयुक्त और एसएसपी ग्रामीण को इन सभी शैल्टर होम में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश जारी किए गए हैं।उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन प्रवासी मजदूरों की सहायता और उनकी मदद के लिए 24 घंटे तत्पर है और संकट की घड़ी में कोई भी प्रवासी मजदूर जिला प्रशासन से सहयोग प्राप्त कर सकता है।