रत्नों का महत्व

शास्त्रों के अनुसार जानिए जीवन में रत्नों का महत्व

रत्नों का हमारे जीवन में बहुत अधिक महत्व होता है। माना जाता है के अगर आपको कोई भी ग्रह अशांत हो तो रतन की सहायता से उन्हें शांत किया जा सकता है। माना जाता है के रत्न को पहनने से जीवन के बहुत सरे दुखो से निजात मिलता है ,मुश्किल काम आसान हो जाते है ,ग्रह शांत होते है और बहुत सरे लाभ प्राप्त होते है। लेकिन क्या आप जानते है के बुध ग्रह को शांत करने के लिए अधिकतर पन्ना रत्न पहना जाता है। चलिए जानते है इससे जुड़ी कुछ खास बातें :

* यह रत्न 500 रुपए कैरेट से 5 हजार रुपए कैरेट तक आता है। इस रत्न को धारण करने से अनिश्चितता निश्चितता में बदल जाती है। विद्यार्थी वर्ग यदि पन्ना पहने तो बुद्धि तीक्ष्ण बनती है।

* यह रोगियों के लिए बलवर्धक, आरोग्यदायक एवं सुख देने वाला होता है।

* जिस घर में यह रत्न होता है, वहां अन्न-धन की वृद्धि, सुयोग्य संतान तथा भूत-प्रेत की बाधा शांत होती है। सर्प भय नहीं रहता।

* नेत्र रोगों में भी यह अत्यंत लाभकारी होता है। इस रत्न को 5 मिनट तक प्रातः एक गिलास पानी में घुमाएं फिर आंखों पर छिटका जाए तो नेत्र रोग में फायदा होता है।

* पन्ना यदि मिथुन लग्न वाले धारण करें तो पारिवारिक परेशानियों से राहत मिल सकती है। माता का स्वास्थ्य ठीक रहेगा। जनता से संबंधित कार्यों में सफलता मिलेगी।

* कन्या लग्न वाले व्यक्ति भी पन्ना पहनकर राज्य, व्यापार, पिता, नौकरी, शासकीय कार्यों में लाभ पा सकते हैं। यदि कन्या लग्न वाले बेरोजगार हैं, तो रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

* यदि किसी के जन्म लग्न में बुध 6, 8, 12वें भाव में हो तो वे पन्ना पहन सकते हैं।

* बुध यदि नीच मीन राशि का हो तो वह भी पन्ना पहन सकते हैं।

* यदि बुध धनेश होकर नवम भाव में हो, तृतीयेश होकर दशम भाव में हो, चतुर्थेश सुखेश होकर आय एकादश स्थान में हो तो पन्ना पहनना अत्यंत लाभकारी होता है। यह आय में आश्चर्यजनक वृद्धि करता है।

* बुध यदि सप्तमेश होकर दूसरे भाव में हो नवमेश होकर चतुर्थ भाव में हो, एकादशेश होकर छठे भाव में हो तो पन्ना अवश्य पहनना चाहिए। इससे मानसिक पीड़ाएं दूर होती हैं।

* यदि बुध शुभ स्थान का स्वामी होकर अष्टम भाव में हो तो पन्ना पहनना शुभ रहता है। आरोग्य के लिए यह वरदान साबित होगा।

* यदि बुध की महादशा या अंतरदशा चल रही हो तो पन्ना अवश्य पहनें। 10 दिशाओं से सिर्फ खुशियां ही बरसेंगी।

* यदि जन्म कुंडली में शुभ भाव 2, 3, 4, 5, 7, 9, 10 , 11वें भाव का स्वामी होकर छठे भाव में हो तो पन्ना पहनना श्रेष्ठ रहेगा। यह व्यापार में चमकदार सफलता देगा।

* यदि बुध, मंगल, शनि, राहू या केतु के साथ स्थित हो तो पन्ना अवश्य पहनना चाहिए। पराक्रम और ऐश्वर्य मिलेगा।

* यदि बुध पर शत्रु ग्रहों की दृष्टि हो तो पन्ना अवश्य पहनना चाहिए। शत्रुओं का समूल नाश होगा।

* बुध यदि लग्नेश होकर चतुर्थ, पंचम या नवम भाव में शुभ ग्रहों के साथ हो तो पन्ना हितकर रहेगा।

* पन्ना उन व्यक्तियों को भी पहनना चाहिए जो व्यापारी हों, गणित से संबंधित कार्य करने वाले हों या सेल्समैन हों। ऐसे व्यक्तियों को पन्ना उत्तम प्रभाव देकर लाभान्वित करेगा।

* पन्ना बुधवार के दिन अश्लेषा, ज्येष्ठा या रेवती, नक्षत्र हो उस दिन सूर्योदय से लगभग 10 बजे तक पन्ना पहन सकते हैं। पन्ना सदैव स्वर्ण की धातु में शुभ घड़ी में बनाकर ही पहनें। पन्ना कम से कम 3 कैरेट का होना चाहिए व उससे अधिक हो तो उत्तम रहेगा।



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