China in major changes

बड़े परिवर्तन में चीन की जिम्मेदारी प्रशंसनीय

हाल में वर्ष 2020 चीन को समझे शीर्षक अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन दक्षिण चीन के क्वांगचो में संपन्न हुआ। वर्तमान सम्मेलन का विषय था बड़ा परिवर्तन, बड़ी परीक्षा और व्यापक सहयोग, चीन के आधुनिकीकरण की नई यात्रा और मानव समुदाय का साझा भविष्य। ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री जेम्स गॉर्डन ब्राउन ने वीडियो के माध्यम से अंतर्राष्ट्रीय सहयोग में चीन के योगदान की प्रशंसा की। उन्होंने यह भी कहा कि महामारी और आर्थिक मंदी के दबाव में कुछ देशों का अपने स्वार्थ की रक्षा करने का व्यवहार उचित नहीं है।हाल में अमेरिका के कुछ राजनीतिज्ञ एकतरफावाद फैलाने और आर्थिक धौंस जमाने में व्यस्त हैं। उन्होंने अन्य देशों के सभ्यता स्वरूप और सभ्यता उपलब्धि पर कालिख पोती, जिससे विश्व अर्थव्यवस्था के जोखिम और विकास की अनिश्चितता स्पष्ट रूप से बढ़ी।

बड़े परिवर्तन से बड़ी परीक्षा आती है। हालांकि कई संकट अभी भी मौजूद हैं, लेकिन इस युग में शांति और विकास का विषय नहीं बदला है, विश्व बहुध्रुवीयकरण और आर्थिक वैश्वीकरण का रुझान अपरिवर्तनीय है। बहुपक्षवाद और मुक्त व्यापार अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के समान हित के अनुरूप है। इसमें चीन की दृढ़ता और जिम्मेदारी की विदेशी नेताओं ने प्रशंसा की।बड़े परिवर्तन में चीन की दृढ़ता और संकल्प ने भी विदेशी नेताओं पर गहरी छाप छोड़ी है। खुलेपन से सुधार बढ़ाने और सहयोग से विकास बढ़ाने में चीन का कदम कभी धीमा नहीं रहा। ध्यानाकर्षक है कि चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने एपेक के 27 अनौपचारिक शिखर सम्मेलन में कहा कि चीन सक्रियता से सीपीटीपीपी में शामिल होने पर विचार करेगा। माना जाता है कि आर्थिक वैश्वीकरण और क्षेत्रीय आर्थिक एकीकरण के लिए लाभदायक मुक्त व्यापार समझौतों के लिए चीन खुला रवैया अपनाता है। जितनी अधिक कठिनाइयों और चुनौतियों का सामना करते हैं, उतना ही खुले सहयोग पर कायम रहना चाहिए। यह विकास का नियम और ऐतिहासिक अनुभव है। अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को नियम छोड़ने से अनावश्यक आपदा में नहीं पड़ना चाहिए।
(साभार---चाइना मीडिया ग्रुप ,पेइचिंग)

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