After independence in Gorakhpur elections

गोरखपुर में आजादी के बाद होगा इन गावों में पहली बार चुनाव

गोरखपुर (उत्तर प्रदेश) : कुसम्हीं जंगल के घने और अंदरूनी हिस्से में 1918 से वनटांगिया मजदूरों के 5 गांव जंगल तिनकोनिया नंबर-3, रजही खाले टोला, रजही नर्सरी, आमबाग नर्सरी और चिलबिलवा बसे हैं। जंगल की जमीन पर खेती करना इनके जीविकोपार्जन का साधन था लेकिन आजादी मिलने के बाद इन गावों में विकास की योजनाएं बननी शुरू हुईं। साल 1998 में पहली बार सांसद बनने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इन बस्तियों में रहने वालों को मुख्यधारा से जोडऩे का वचन दिया। महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के सहयोग से उन्होंने इन बस्तियों में शिक्षा की नींब रखने के साथ ही साथ गोरखनाथ मंदिर से संचालित गुरु श्री गोरखनाथ अस्पताल की मोबाइल मेडिकल सेवा को भी इन बस्तियों में पहुंचाया। 

योगी आदित्यनाथ सांसद रहते हुए 2009 से ही वनटांगिया समुदाय के लोगों के साथ दीपावली मनाने की परंपरा शुरू की जो अभी कायम है। इस सम्बन्ध में गांववासी राम गणेश कहते हैं कि जिस तरह से भगवान राम ने अहिल्या का उद्धार किया था उसी तरह से योगी आदित्यनाथ महाराज जी ने वनटांगिया समुदाय के लोगों का कल्याण किया है। दूसरी तरफ किशोर निषाद कहते हैैं कि योगी जी हमारे लिए भगवान हैैं, क्योंकि योगी जी ने हम लोगों के लिए जितना विकास किया, उतना किसी और नेता ने विकास नहीं किया। 

सुभावती देवी कहती हैं कि योगी महाराज जी की कृपा से हमारे गांव में कोई कमी नहीं है। अब हम लोगों को रोजगार भी मिलने लगा है और हमारे बच्चे अब विद्यालय में पढ़ने जा रहे हैं जिससे उनका भविष्य संवर जाएगा। बता दें कि पंचायत चुनावों को लेकर वनटांगिया समुदाय के लोगों में बहुत उत्साह इसलिए है कि राजस्व ग्राम बनने के बाद पहली बार वोट डालेंगे ताकि आने वाली सरकार उनका और ज्यादा विकास करवा सकें।  



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