Basil

स्वास्थ्य के लिए बहुत उपयोगी है तुलसी, जानिए इसके बड़े फायदे

तुलसी एक ऐसा पौधा है जो आप आमतौर पर हर घर में पाएंगे। ज्यादातर हिंदू परिवारों में तुलसी की पूजा की जाती है। इसे सुख और कल्याण के तौर पर देखा जाता है लेकिन पौराणिक महत्व से अलग तुलसी एक जानी-मानी औषधि भी है, जिसका इस्तेमाल कई बीमारियों में किया जाता है। सर्दी-खांसी से लेकर कई बड़ी और भयंकर बीमारियों में भी एक कारगर औषधि है।  आयुर्वेद में तुलसी के पौधे के हर भाग को स्वास्थ्य के लिहाज से फायदेमंद बताया गया है। तुलसी की जड़, उसकी शाखाएं, पत्ती और बीज सभी का अपना-अपना महत्व है। आमतौर पर घरों में दो तरह की तुलसी देखने को मिलती है। एक जिसकी पत्त‍ियों का रंग थोड़ा गहरा होता है औ दूसरा जिसकी पत्तियों का रंग हल्का होता है।  यौन-रोगों की दवाइयां बनाने में तुलसी खास तौर पर इस्तेमाल की जाती है। तुलसी के कुछ अनदेखे फायदे इस प्रकार हैं:

फायदे 
* खांसी अथवा गला बैठने पर तुलसी की जड़ सुपारी की तरह चूसी जाती है।
* श्वास रोगों में तुलसी के पत्ते काले नमक के साथ सुपारी की तरह मुंह में रखने से आराम मिलता है।
* तुलसी की हरी पत्तियों को आग पर सेंक कर नमक के साथ खाने से खांसी तथा गला बैठना ठीक हो जाता है।
* तुलसी के पत्ताें के साथ 4 भुनी लौंग चबाने से खांसी जाती है।
* तुलसी के कोमल पत्ताें को चबाने से खांसी और नजले से राहत मिलती है।
* खांसी-जुकाम में तुलसी के पत्ते, अदरक और काली मिर्च से तैयार की हुई चाय पीने से तुरंत लाभ पहुंचता है।
* 10-12 तुलसी के पत्ते तथा 8-10 काली मिर्च के चाय बनाकर पीने से खांसी जुकाम, बुखार ठीक होता है।
* फेफड़ों में खरखराहट की आवाज आने व खांसी होने पर तुलसी की सूखी पत्तियां 4 ग्राम मिश्री के साथ देते हैं।
* काली तुलसी का स्वरस लगभग डेढ़ चम्मच काली मिर्च के साथ देने से खांसी का वेग एकदम शान्त होता है।
* 10 ग्राम तुलसी के रस को 5 ग्राम शहद के साथ सेवन करने से हिचकी, अस्थमा एवं श्वास रोगों को ठीक किया जा सकता है।