मां लक्ष्मी

मां लक्ष्मी के इन 108 नामों को प्रतिदिन जपने से दूर होते है जीवन के सभी कष्ट

लक्ष्मी हिन्दू धर्म की एक प्रमुख देवी हैं। वह भगवान विष्णु की पत्नी हैं। पार्वती और सरस्वती के साथ, वह त्रिदेवियाँ में से एक है और धन, सम्पदा, शान्ति और समृद्धि की देवी मानी जाती हैं। दीपावली के त्योहार में उनकी गणेश सहित पूजा की जाती है। जिनका उल्लेख सबसे पहले ऋग्वेद के श्री सूक्त में मिलता है। गायत्री की कृपा से मिलने वाले वरदानों में एक लक्ष्मी भी है। जिस पर यह अनुग्रह उतरता है, वह दरिद्र, दुर्बल, कृपण, असंतुष्ट एवं पिछड़ेपन से ग्रसित नहीं रहता। स्वच्छता एवं सुव्यवस्था के स्वभाव को भी 'श्री' कहा गया है। यह सद्गुण जहाँ होंगे, वहाँ दरिद्रता, कुरुपता टिक नहीं सकेगी। पदार्थ को मनुष्य के लिए उपयोगी बनाने और उसकी अभीष्ट मात्रा उपलब्ध करने की क्षमता को लक्ष्मी कहते हैं। यों प्रचलन में तो 'लक्ष्मी' शब्द सम्पत्ति के लिए प्रयुक्त होता है, पर वस्तुतः वह चेतना का एक गुण है, जिसके आधार पर निरुपयोगी वस्तुओं को भी उपयोगी बनाया जा सकता है। मात्रा में स्वल्प होते हुए भी उनका भरपूर लाभ सत्प्रयोजनों के लिए उठा लेना एक विशिष्ट कला है। वह जिसे आती है उसे लक्ष्मीवान्, श्रीमान् कहते हैं। शेष अमीर लोगों को धनवान् भर कहा जाता है। गायत्री की एक किरण लक्ष्मी भी है। जो इसे प्राप्त करता है, उसे स्वल्प साधनों में भी अथर् उपयोग की कला आने के कारण सदा सुसम्पन्नों जैसी प्रसन्नता बनी रहती है। श्री, लक्ष्मी के लिए एक सम्मानजनक शब्द, पृथ्वी की मातृभूमि के रूप में सांसारिक क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करता है, जिसे पृथ्वी माता के रूप में संदर्भित किया जाता है, और उसे भु देवीऔर श्री देवी के अवतार मानी जाती हैं। जैन धर्म में भी लक्ष्मी एक महत्वपूर्ण देवता हैं और जैन मंदिरों में पाए जाते हैं। लक्ष्मी भी बौद्धों के लिए प्रचुरता और भाग्य की देवी रही हैं, और उन्हें बौद्ध धर्म के सबसे पुराने जीवित स्तूपों और गुफा मंदिरों का प्रतिनिधित्व किया गया था।

मां लक्ष्मी कमल पर विराजमान रहती हैं और उनकी खुली हथेलियों से सदा धनवर्षा होती रहती है. मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए सभी पूजा अर्चना करते हैं. आज हम आपको बता रहे हैं मां लक्ष्मी के 108 नाम जिनका रोज जप करने से  अपार धन संपदा प्राप्त होती और जीवन के सभी कष्ट खत्म हो जाते है.

मां लक्ष्मी के 108 नाम

1. प्रकृति- प्रकृति
2. विकृति- दो रूपी प्रकृति
3. विद्या- बुद्धिमत्ता
4. सर्वभूतहितप्रदा- ऐसा व्यक्ति जो संसार के सारे सुख दे सके
5. श्रद्धा- जिसकी पूजा होती है
6. विभूति- धन की देवी
7. सुरभि- सुगंधा
8. परमात्मिका- सर्वव्यापी देवी
9. वाची- अमृतमयी वाणी
10. पद्मालया- जो कमल पर रहती हैं
11. पद्मा- कमल
12. शुचि- पवित्रता की देवी
13. स्वाहा- शुभ
14. स्वधा- जो अशुभता को दूर करे
15. सुधा- अमृत की देवी
16. धन्या- समृद्धि की देवी
17. हिरण्मयी- जो स्वर्ण के समान है
18. लक्ष्मी- धन और समृद्धि की देवी
19. नित्यपुष्ट- जिनसे नित्य शक्ति मिलती है
20. विभा- जिनका चेहरा दीप्तिमान है
21. अदिति- जिनकी चमक सूर्य की तरह है
22. दीत्य- जो प्रार्थना का जवाब देती हैं
23. दीप्ता- लौ की तरह जगमगाने वाली
24. वसुधा- पृथ्वी की देवी
25. वसुधारिणी- पृथ्वी की रक्षक
26. कमला- कमलगंधा
27. कांता- भगवान विष्णु की पत्नी
28. कामाक्षी- आकर्षक आंखों वाली देवी
29. कमलसम्भवा- जो कमल में से उपस्थित होती है
30. अनुग्रहप्रदा- जो शुभकामनाओं का आशीर्वाद देती है
31. बुद्धि- बुद्धि की देवी
32. अनघा- निष्पाप या शुद्ध
33. हरिवल्लभी-भगवान विष्णु की पत्नी
34. अशोका- दुख को दूर करने वाली
35. अमृता- अमृत की देवी
36. दीपा- प्रकाशमयी
37. लोकशोकविनाशिनी-सांसारिक संकटों का नाश करने वाली
38. धर्मनिलया- धर्मरक्षिणी
39. करुणा- ममता की मूर्ति
40. लोकमात्रिका- जन-जन की देवी
41. पद्मप्रिया- जिन्हें कमल प्रिय है
42. पद्महस्ता- जिनके हाथ में कमल हैं और जिनके हाथ कमल की तरह हैं
43. पद्माक्ष्य- जिनकी आंखें कमल के समान है
44. पद्मसुन्दरी- कमल के समान सुंदर
45. पद्मोद्भवा- कमल से उत्पन्न होने वाली देवी
46. पद्ममुखी- कमल के सदृश मुख वाली
47. पद्मनाभप्रिया- पद्मनाभ(भगवान विष्णु) की प्रेमिका
48. रमा- भगवान विष्णु के साथ रमण करने वाली
49. पद्ममालाधरा- कमल की माला पहनने वाली
50. देवी- देवी
51. पद्मिनी- कमल की तरह
52. पद्मसुगन्धिनी- कमल की तरह सुगंध वाली
53. पुण्यगन्धा- दिव्य सुगंधित देवी
54. सुप्रसन्ना- अनुकंपा करने वाली, सदा प्रसन्न चित्त रहने वाली
55. प्रसादाभिमुखी- वरदान और इच्छाओं को अनुदान देने वाली
56. प्रभा- देवी जिनका आभामंडल दिव्य और चमकदार हो
57. चंद्रवंदना- जिनकी दीप्ति चंद्र के समान हो
58. चंदा- चन्द्र की तरह शांत
59. चन्द्रसहोदरी- चंद्रमा की बहन
60. चतुर्भुजा- चार भुजाओं वाली
61. चन्द्ररूपा- चंद्रमा के समान रूप वाली
62. इंदिरा- सूर्य की तरह चमक वाली
63. इन्दुशीतला-चांद की तरह शीतल
64. अह्लादजननी- प्रसन्नता देने वाली
65. पुष्टि- स्वास्थ्य की देवी
66. शिवा- शुभ देवी
67. शिवाकारी- शुभ का अवतार
68. सत्या- सच्चाई
69. विमला- शुद्ध
70. विश्वजननी- समस्त ब्रह्माण्ड की देवी
71. तुष्टी- तुरंत प्रसन्न होने वाली
72. दारिद्र्यनाशिनी- दरिद्रता दूर करने वाली
73. प्रीता पुष्करिण- देवी जिनकी आंखें सुखदायक हैं
74. शांता- शांतिपूर्ण देवी
75. शुक्लांबरा- श्वेत वस्त्र धारण करने वाली
76. भास्करी- सूर्य के समान तेजस्वी
77. बिल्वनिलया- बिल्व वृक्ष में निवास करने वाली
78. वरारोहा- हर वरदान पूर्ण करने वाली
79. यशस्विनी- यश, सुख, प्रसिद्धि और भाग्य की देवी
80. वसुंधरा- धरती माता की बेटी
81. उदरंगा- जिनकी देह सुंदर है
82. हरिनी- जो हिरण की तरह चंचला है
83. हेमामालिनी- स्वर्ण का हार धारण करने वाली
84. धनधान्यकी- स्वास्थ्य प्रदान करने वाली
85. सिद्धि- रक्षक
86. सौम्या- कोमल और आकर्षक
87. शुभप्रभा- जो शुभता प्रदान करे
88. नृपवेशवगाथानंदा- जो महलों में रहती है
89. वरलक्ष्मी- समृद्धि की दाता
90. वसुप्रदा- धन को प्रदान करने वाली
91. शुभा- शुभ देवी
92. हिरण्यप्रका- स्वर्ण प्रिया
93. समुद्रतनया- समुद्र की बेटी
94. जया- विजय की देवी
95. मंगला- मंगल करने वाली
96. देवी- देवता या देवी
97. विष्णुवक्षा- भगवान विष्णु के सान्निध्य में रहने वाली, उनके ह्रदय में निवास करने वाली
98. विष्णुपत्नी- भगवान विष्णु की पत्नी
99. प्रसन्नाक्षी- खूबसूरत आंखों वाली
100. नारायण समाश्रिता- नारायण के साथ रहने वाली
101. दारिद्र्य ध्वंसिनी- गरीबी समाप्त करने वाली
102. लक्ष्मी- देवी
103. सर्वोपद्रवनिवारिणी- हर उपद्रव और संकट का निवारण करने वाली
104. नवदुर्गा- नौ दुर्गा के सभी रूप
105. महाकाली- काली देवी
106. ब्रह्मा-विष्णु-शिवात्मिका- ब्रह्मा, विष्णु, शिव की आराध्या
107. त्रिकालज्ञानसम्पन्ना- जिन्हें तीनों कालों की जानकारी हो
108. भुवनेश्वरी- अखिल भुवन यानी ब्रह्मांड की स्वामिनी