China

चीन की अंतरिक्ष उपलब्धियों में चार चांद लगाएगा छांगअ-5 चंद्रयान

चीन पिछले कई वर्षों से वैज्ञानिक व तकनीकी क्षेत्र में व्यापक उपलब्धियां हासिल कर रहा है। इसमें अंतरिक्ष के क्षेत्र में हासिल सफलताओं को नकारा नहीं जा सकता है। इस बीच हाल ही में चीन ने छांगअ-5 अंतरिक्ष यान को चंद्रमा के लिए रवाना किया है। जो कि लगभग चार दशक बाद चंद्रमा की सतह पर उतरेगा। इसके साथ ही उक्त यान वहां से नमूने लेकर पृथ्वी पर वापस आएगा। यह एक ऐसा मिशन है जिसका बरसों से इंतजार किया जा रहा था। अगर यह अभियान सफल हो गया तो चीनी वैज्ञानिकों व नागरिकों के लिए बड़े गौरव की बात होगी।

इसके साथ ही चीन चाँद के बारे में गहरी समझ हासिल करने वाले देशों की सूची में भी शामिल हो जाएगा। कहा जा सकता है कि चीन लगभग हर क्षेत्र में विश्व के अग्रणी देशों की कतार में खड़ा है। चीन ने महामारी के दौर में भी इस मिशन को चाँद पर भेजने का साहस किया, जो निश्चित तौर पर चीन की अंतरिक्ष उपलब्धियों को और बड़े स्तर पर ले जाएगा।  

जैसा कि हम जानते हैं कि अमेरिका, रूस, चीन व भारत सहित कुछ बड़े देश इन अभियानों पर बहुत ध्यान दे रहे हैं। इसके लिए भारी बजट भी खर्च किया जा रहा है। हालांकि कहा जाता है कि इन देशों के बीच अंतरिक्ष की दौड़ सी शुरू हो चुकी है। कहने का मतलब है कि ये राष्ट्र अंतरिक्ष पर पहुंचने के लिए पुरजोर कोशिश कर रहे हैं। जहां अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने एक भारी-भरकम रॉकेट की असेंबलिंग शुरू की है। वहीं भारत भी चंद्रयान-3 को लांच करने की तैयारियों में जुटा हुआ है। इसके लिए भारत की प्रमुख अंतरिक्ष एजेंसी इसरो ने कमर कस ली है। लेकिन सबसे अहम सवाल यह है कि सभी देशों को अंतरिक्ष के शांतिपूर्ण इस्तेमाल का लक्ष्य निर्धारित करना चाहिए। 

यहां बता दें कि चीन अंतरिक्ष के शांतिपूर्ण इस्तेमाल पर ज़ोर देता रहा है। चीन के मुताबिक उसका मकसद विश्व में आधुनिक तकनीकों का उपयोग विश्व शांति व मानव समुदाय के हित में करना है। 
( लेखक अनिल पांडेय )


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