China

चीन-आसियान सहयोग जोरों पर

बाद चीनी स्टेट काउंसलर और विदेश मंत्री वांग यी ने 11 अक्तूबर को कंबोडिया, मलेशिया, लाओस, थाईलैंड की औपचारिक यात्रा और सिंगापुर की ट्रेंजिट यात्रा शुरू की। कोविड-19 महामारी के सामान्य नियंत्रण की नयी स्थिति में चीन और आसियान आवाजाही और सहयोग आगे बढ़ रहे हैं। यह न सिर्फ विभिन्न देशों की आर्थिक बहाली और सामाजिक विकास के लिए मददगार साबित होगा, बल्कि एक साथ बहुपक्षवाद की वकालत से विश्व शांति और विकास में नयी ऊर्जा का समावेश होगा।

कोविड-19 महामारी होने के बाद चीन और आसियान के विभिन्न देशों ने एकजुट होकर सहयोग कर कठिन समय बिताया। अब वे महामारी के वैश्विक मुकाबले में अग्रसर हैं। महामारी की रोकथाम को बखूबी अंजाम देने के साथ चीन और आसियान के सदस्य देश आर्थिक बहाली को बढ़ाने की समान कोशिश कर रहे हैं। अब चीन और सिंगापुर, लाओस, म्यामांर और इंडोनिशिया के बीच लोगों के त्वरित चैनल और वस्तुओं के हरित चैनल स्थापित किये हैं। अंतरराष्ट्रीय उड़ाने चरणबद्ध तरीके से बहाल हो रहे हैं। इन कदमों ने आर्थिक बहाली के लिए महत्वपूर्ण गारंटी प्रदान की है।

इस जनवरी से अगस्त तक चीन और आसियान के बीच व्यापार की कुल रकम 41655 करोड़ अमेरिकी डॉलर तक जा पहुंची, जो पिछले साल की समान अवधि से 3.8 प्रतिशत अधिक रही। आसियान पहली बार चीन का सबसे बड़ा व्यापार साझेदार बन चुका है। इस साल के पूर्वार्द्ध में चीन ने आसियान में 623 करोड़ अमेरिकी डालर की पूंजी लगायी, जो पिछले साल से 53.1 प्रतिशत बढ़ा। इसके अलावा, चीन और आशियान के कई सदस्य देश इस साल के अंदर आरसीईपी पर हस्ताक्षर करने के प्रति आशावान हैं। अगर इस समझौते पर समय पर हस्ताक्षर किये गये, तो वह विश्व आर्थिक बहाली के लिए महत्वपूर्ण योगदान देगा।

चीन-आसियान सहयोग की मजबूती बाहरी शक्ति द्वारा फूट डालने की कुचेष्टा के प्रति शक्तिशाली जवाबी हमला भी है। फिलहाल, अमेरिका निरंतर सैन्य जहाज व विमान भेजकर दक्षिण चीन सागर में बल दिखाता रहता है और इस क्षेत्र के कुछ देशों को चीन विरोधी गुट में खींचने की कोशिश कर रहा है। लेकिन आसियान के सदस्य देशों ने पहले ही बाहरी शक्ति के दुष्ट इरादों को भांप लिया है और बाहरी शक्ति के जाल में कतई नहीं फसेंगे।  

अब चीन और आसियान के सदस्य देश दक्षिण सागर कार्रवाई मानदंड संबंधी सलाह-मशविरा आगे बढ़ा रहे हैं, ताकि यथाशीघ्र ही दोनों पक्षों के लिए स्वीकार्य और प्रभावी नियम संपन्न कर एक साथ दक्षिण सागर की शांति व स्थिरता बनाए रखी जाए। (साभार---चाइना मीडिया ग्रुप ,पेइचिंग)