Corona epidemic

कोरोना महामारी में भी चीन ने हासिल किया ग़रीबी उन्मूलन का लक्ष्य

 जैसा कि हम जानते हैं चीन एक विकासशील देश है, जो विकसित होने की दिशा में तेज़ी से कदम बढ़ा रहा है। चीन दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला राष्ट्र भी है, इतनी बड़ी जनसंख्या में गरीबों का होना आश्चर्य की बात नहीं है। सन् 1949 नए चीन की स्थापना से पहले और उसके कुछ साल बाद तक चीनी नागरिकों का जीवन बहुत मुश्किल भरा रहा। इस दौरान चीन की विभिन्न सरकारों ने अपने देश वासियों को गरीबी के दलदल से बाहर निकालने के लिए कोशिशें जारी रखीं। जिसका नतीज़ा यह हुआ कि चीन में पिछले 71 सालों में करीब 80 करोड़ लोग गरीबी से मुक्त हो गए। जो कि वैश्विक स्तर का 70 फ़ीसदी है। कहने का मतलब है कि इस पूरी अवधि में समूचे विश्व में जितने नागरिकों का जीवन खुशहाल हुआ, उसमें लगभग दो तिहाई से ज्यादा चीनी हैं। सोचिए ज़रा चीन के अलावा दुनिया में कितने और देश हैं, लेकिन उन राष्ट्रों में सिर्फ एक तिहाई नागरिक ही गरीबी की हालत से बाहर आ सके।   

इस उपलब्धि के बीच हाल के वर्षों में किए गए व्यापक प्रयासों को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता है। चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग के शब्दों में,चीन ने गरीबी उन्मूलन के लक्ष्य को योजनाबद्ध तरीके से हासिल किया है। आपको यह जानकर अचरज़ होगा कि चीन ने पिछले आठ सालों में करीब 10 करोड़ लोगों को गरीबी के संकट से बाहर निकाला है। यहां बता दें कि चीन ने साल 2020 को गरीबी को जड़ से उखाड़ फेंकने का वर्ष निर्धारित किया था। लेकिन इस दौरान कोरोना महामारी का संकट खड़ा हो गया। बावजूद इसके चीन सरकार व संबंधित एजेंसियों ने अपने नागरिकों का जीवन बेहतर बनाने की मुहिम कमज़ोर नहीं होने दी। कहा जा सकता है कि कोविड-19 महामारी भी चीन की राह में बाधक नहीं बन सकी। चीन का दावा है कि उसने देश के सभी पिछड़े और दूरस्थ क्षेत्रों से गरीबी का खात्मा कर दिया है। 

बताया जाता है कि चीन ने देश की असली स्थिति के मुताबिक गरीबी उन्मूलन के लिए तमाम बड़े कदम उठाए, जिनमें औद्योगिक विकास, पुर्नविस्थापन व पारिस्थितिक संरक्षण आदि प्रमुख हैं।

कहना होगा कि पिछले कई वर्षों से चीन में गरीबी उन्मूलन के खात्मे के लिए गंभीरता से अभियान चलाया जा रहा है। और गरीबों को बेहतर जीवन प्रदान के लिए कोशिशें जारी हैं। चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग कई बार कह चुके हैं कि विकास की दौड़ में पीछे रह गए ग्रामीण क्षेत्रों को भी खुशहाल बनाया जाय। इसके मद्देनजर वे बार-बार पिछड़े इलाकों का दौरा भी करते रहे हैं। 

चीन सरकार द्वारा लगातार जारी अभियानों से यह जाहिर होता है कि विश्व की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यस्था में देश को सही दिशा में ले जाने के लिए किस स्तर पर काम किये जा रहे हैं। इसमें न केवल अपने नागरिकों को खुशहाल जीवन मुहैया कराने की मुहिम चल रही है, बल्कि पर्यावरण प्रदूषण जैसी विश्व व्यापी समस्या से निपटने के लिए प्रयास भी किए जा रहे हैं। 

यह कहने में कोई दो राय नहीं है कि गरीबी उन्मूलन कोई गंतव्य नहीं है, बल्कि नए संघर्ष का शुरुआती बिंदु है, जैसा कि चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने अपने वक्तव्य में कहा। उन्होंने अपने बयान के जरिए यह बताने की कोशिश की है कि देश के सामने गरीबी उन्मूलन के बाद भी कई चुनौतियां आएंगी, जिनसे निपटने के लिए प्रयास जारी रखने होंगे। 

( लेखक अनिल पांडेय, पेइचिंग ) 

 
 




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