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अमेरिका की जगह लेकर चीन यूरोपीय संघ का सब से बड़ा व्यापार साझेदार बना

यूरोस्टेट द्वारा जारी ताज़ा आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2020 में चीन के प्रति यूरोपीय संघ की आयात व निर्यात दोनों रकम में इज़ाफ़ा हुआ है। चीन पहली बार अमेरिका की जगह लेकर यूरोपीय संघ का सब से बड़ा साझेदार बन गया। 

विशेषज्ञ के अनुसार चीन और यूरोप के बीच भौगोलिक संकेत नामक समझौते पर हस्ताक्षर करना और चीन-यूरोप पूंजी निवेश समझौते से जुड़ी वार्ता समाप्त करना आदि दोनों पक्षों के बीच आर्थिक व व्यापारिक सहयोग को गहन करने में नयी आर्थिक वृद्धि बनेंगे।

इस वर्ष के वसंत त्योहार पर जर्मनी के एक बीयर ब्रांड ने खास तौर पर वृषभ वर्ष के लिये सीमित पैकेजिंग वाले बीयर उत्पाद तैयार किये, ताकि ज्यादा से ज्यादा चीनी उपभोक्ताओं को आकर्षित किया जा सके। इस ब्रांड के अंतर्राष्ट्रीय बाजार विभाग के प्रबंधक फ्लोरियन नाइ ने संवाददाता से कहा कि चीन हमारे प्रति एक उत्तेजित बाजार है, और एक विकसित हो रहा बाजार भी है। पिछले वर्ष में हमारी बिक्री में प्राप्त वृद्धि के अधिकतर अंश चीन से हैं।

वर्ष 2020 में कोविड-19 महामारी विश्व में फैली। व्यापारिक संरक्षणवाद फैलने, बहुराष्ट्रीय आपूर्ति श्रृंखला टूटने, और अंतर्राष्ट्रीय व्यापार निरंतर रूप से मंदी में फंसने की खराब पृष्ठभूमि में चीन और यूरोपीय संघ के देशों ने बड़ी कोशिश करके द्विपक्षीय व्यापार को एक नयी मंजिल पर पहुंचाया। 

यूरोस्टेट, जिस का मुख्यालय लक्समबर्ग में स्थित है, द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2020 में चीन व यूरोपीय संघ के बीच कमोडिटी व्यापार की रकम लगभग 5 खरब 86 अरब यूरो तक जा पहुंची। उधर, अमेरिका और यूरोपीय संघ के बीच यह रकम लगभग 5 खरब 55 अरब यूरो है। जिससे चीन पहली बार अमेरिका को पार करके यूरोपीय संघ का सबसे बड़ा व्यापार साझेदार बन गया।
(साभार--- चाइना मीडिया ग्रुप ,पेइचिंग)




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