China

गरीबी उन्मूलन में चीन का अनुभव सीखने योग्य

चीन ने 25 फरवरी को संपूर्ण गरीबी खत्म करने की घोषणा की। चीन ने 10 साल पहले संयुक्त राष्ट्र अनवरत विकास कार्यविधि में निर्धारित गरीबी उन्मूलन लक्ष्य हासिल किया। विशेषकर पिछले 8 सालों में करीब 10 करोड़ चीनी लोग गरीबी से बाहर निकले। यह इसके बराबर है कि हर साल एक मध्यम आकार के देश के सभी लोग गरीबी से मुक्त जाएं। 

चीन की जनसंख्या दुनिया की कुल आबादी का 20 प्रतिशत है। चीन में गरीबी उन्मूलन की प्रगति न सिर्फ चीन की है, बल्कि दुनिया की भी है। विश्व बैंक द्वारा बनाया गया संपूर्ण गरीबी का मापदंड है कि हर व्यक्ति का प्रति दिन का खर्च 1.9 अमेरिकी डॉलर हो। इसके अनुसार अब तक पूरी दुनिया में फिर भी 70 करोड़ लोग संपूर्ण गरीबी में हैं। कोविड-19 महामारी से विश्व गरीबी उन्मूलन की प्रक्रिया धीमी रही। विश्व बैंक का अनुमान है कि वर्ष 2021 के अंत तक महामारी से 15 करोड़ लोग संपूर्ण गरीबी में फंस जाएंगे।

ऐसी स्थिति में 1 अरब 40 करोड़ जनसंख्या वाले देश चीन ने तरह तरह कठिनाइयों और चुनौतियों को दूर कर निर्धारित समय पर संपूर्ण गरीबी को खत्म किया। यह विश्व गरीबी उन्मूलन के लिए बड़ा योगदान है। विश्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार दुनिया भर में हर 100 लोग जो गरीबी से बाहर निकले, उनमें 70 से अधिक चीन के हैं।

सबसे बड़ा विकासशील देश होने के नाते चीन ने सफलता से संपूर्ण गरीबी को खत्म किया। इससे गरीबी उन्मूलन को पराजित करने में दुनिया का विश्वास बढ़ा है। और महत्वपूर्ण है कि दुनिया को चीन से बहुत सीखने योग्य अनुभव मिले हैं।

इसके साथ चीन ने व्यवहारिक कार्रवाई से संयुक्त राष्ट्र अनवरत विकास कार्यविधि साकार करने में व्यापक विकासशील देशों की सहायता की। पिछले 60 से अधिक सालों में चीन ने 166 देशों और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों को 6 लाख से अधिक सहायता कार्यकर्ता भेजे और करीब 4 खरब युआन की सहायता दी। चीन ने क्रमशः 7 बार बिना कोई शर्त भारी ऋण वाले गरीब देशों और सबसे  कम विकसित देशों का सरकारी ब्याज मुक्त ऋण माफ किया। दुनिया में सिर्फ चीन ने इतने कम समय में इतने ज्यादा लोगों को गरीबी से बाहर निकाला। चीन का अनुभव सीखने योग्य है।
साभार---चाइना मीडिया ग्रुप ,पेइचिंग)




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