China food security

जोरदार फसल से चीन की खाद्य सुरक्षा पूरी तरह सुनिश्चित

22 सितंबर को चीन का तीसरा फसल उत्सव मनाया गया। आंकड़े बताते हैं कि इस साल चीन में शरदकालीन अनाज बोये हुए क्षेत्र बढ़े हैं। गंभीर प्राकृतिक आपदा न होने की स्थिति में इस साल चीन में जोरदार फसल होगी।  
इस साल नये कोरोना वायरस महामारी, दक्षिणी चीन में बाढ़ तथा तूफान आदि प्राकृतिक आपदा की वजह से चीन के कृषि उत्पादन पर बुरा प्रभाव पड़ा। संयुक्त राष्ट्र संस्था के मुताबिक विश्व में कम से कम 25 देशों को गंभीर अकाल जोखिम का सामना करना पड़ेगा। दुनिया 50 वर्षों में सबसे खराब खाद्य संकट की कगार पर है। इस स्थिति में चीन में जोरदार फसल विश्व की अनाज सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।

आंकड़े बताते हैं कि वर्तमान में चीन में प्रति व्यक्ति के लिए अनाज की मात्रा 470 किलोग्राम है जो विश्व की सुरक्षा मात्रा यानी 400 किलो से ज्यादा है। चीन सरकार लंबे समय से अनाज सुरक्षा को महत्व देती आयी है। देश के सर्वोच्च नेता ने अनेक बार अनाज उत्पादन और सुरक्षा के प्रति आदेश दिये। इसी के साथ यह भी प्रशंसनीय है कि चीन का खेत क्षेत्रफल केवल विश्व का 9 प्रतिशत भाग रहता है जबकि चीनी जनसंख्या विश्व का एक पांचवां भाग है। इस साल जब महामारी की रोकथाम की जा रही है तब चीन भी अनाज के उत्पादन को महत्व देता रहा। क्योंकि अनाज सुरक्षा देश की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण नींव है। अनाज की सुस्थिर आपूर्ति चीनी समाज की स्थिरता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

दूसरी तरफ चीन अन्य देशों के साथ अनाज सुरक्षा के अनुभवों को साझा किया है। चीन ने विश्व अनाज सुरक्षा के शासन में भाग लिया और यथासंभव अंतर्राष्ट्रीय अनाज सहायता प्रदान की है। 17 सितंबर को चीन ने दक्षिणी सूडान को आपातकालीन अनाज सहायता प्रदान की।

अनाज सुरक्षा की गारंटी करने के संदर्भ में चीन और विश्व का भाग्य जुड़ा हुआ है। संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा जुलाई में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार विश्व में 69 करोड़ जनसंख्या भूख से ग्रस्त रहे हुए हैं। और इस के भीतर 13 करोड़ नये भूखे लोगों की वृद्धि होने की संभावना मौजूद है। इस का मतलब है कि संयुक्त राष्ट्र 2030 एजेंडा में भूख मिटाने के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए एक लंबा रास्ता तय करना है। चीन अन्य देशों के साथ-साथ सहयोग को मजबूत कर सह-विकास करेगा और विश्व दायरे में अनाज सुरक्षा की गारंटी के लिए अथक प्रयास करेगा।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप- पेइचिंग)