China

वैक्सीन तैयार करने में चीन की अग्रणी भूमिका

कोरोना वायरस महामारी से समूचा विश्व त्रस्त है, अब तक यह वायरस 4 करोड़ से अधिक लोगों को संक्रमित कर चुका है। हालांकि चीन समेत कई देश वैक्सीन तैयार करने की कोशिश में जुटे हैं। वैक्सीन के ट्रायल पर दुनिया के करोड़ों लोगों की नज़रें लगी हुई हैं। लेकिन वैज्ञानिक किसी जल्दबाज़ी में नहीं हैं, क्योंकि किसी भी ग़लती से टीके के दुष्परिणाम भी सामने आ सकते हैं। 

इस बीच चीन का कहना है कि वह वैक्सीन बनाने के लिए शिद्दत से लगा हुआ है। बताया जाता है कि अब तक चीनी वैज्ञानिकों द्वारा जितने भी ट्रायल किए गए हैं, उनमें कोई भी साइड इफेक्ट सामने नहीं आया है। इससे वैज्ञानिकों का उत्साह बढ़ा हुआ है और उम्मीद है कि आने वाले कुछ महीनों में चीन सुरक्षित और सटीक वैक्सीन बाज़ार में उतारने में कामयाबी हासिल कर लेगा।

यहां बता दें कि अभी चीन में क्लिनिकल परीक्षणों में 13 वैक्सीन कैंडिडेट हैं, जिनमें से तीन निष्क्रिय टीकों और एक एडेनोवायरस वेक्टर वैक्सीन का विदेशों में तीसरे चरण का ट्रायल चल रहा है। चीनी विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय के एक बड़े अधिकारी थियान पाओकुओ ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि चीन में लगभग 60 हज़ार स्वयंसेवकों को टीकों के ट्रायल में शामिल किया गया है। 

चीनी अधिकारी का बयान दर्शाता है कि चीन कितनी गंभीरता से वैक्सीन तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसके साथ ही यह भी बताया गया कि अब तक इंसानों में वैक्सीन के जितने भी परीक्षण किए गए हैं, उनके कोई गंभीर दुष्परिणाम देखने को नहीं आए हैं। सिर्फ उम्मीदवारों को हल्का बुखार या इंजेक्शन वाली जगह पर दर्द आदि की शिकायत पायी गयी है। आम तौर पर ये टीके सुरक्षित माने जा रहे हैं। 

चीन के कोविड-19 वैक्सीन डिवेलपमेंट टास्क फोर्स के प्रमुख चंग चोंगवेइ के अनुसार देश की वार्षिक कोविड-19 वैक्सीन उत्पादन क्षमता इस साल 610 मिलियन खुराक तक पहुंच सकती है। जबकि अगले साल इस क्षमता और इजाफ़ा होगा। उधर सायनोफार्म कंपनी के चेयरमेन का दावा है कि अगले वर्ष उनकी कंपनी 1 अरब खुराक की वार्षिक उत्पादन क्षमता हासिल कर लेगी। 

इस तरह देखा जाय तो चीन विश्व में वैक्सीन उत्पादन के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए तैयार है। इसके साथ ही चीन ने वादा भी किया है कि वह सभी जरूरतमंद देशों को वैक्सीन मुहैया कराने की हरसंभव कोशिश करेगा। 

(लेखक :अनिल पांडेय, चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)