China

चीन ने वैश्विक गरीबी उन्मूलन कार्य को महत्वपूर्ण योगदान दिया

17 अक्तूबर चीन का राष्ट्रीय गरीबी उन्मूलन दिवस है और अंतरराष्ट्रीय गरीबी उन्मूलन दिवस भी है। विश्व बैंक द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार प्रति व्यक्ति एक दिन 1.9 अमेरिकी डॉलर अंतरराष्ट्रीय गरीबी मानदंड के मुताबिक चीन में सुधार और खुलेपन के बाद के 40 से अधिक वर्षों में 80 करोड़ लोगों को गरीबी के चंगुल में छुटकारा मिला है, विश्व के गरीबी से निकले लोगों की कुल संख्या के 70 प्रतिशत से अधिक है। 

वर्ष 2012 से 2019 के अंत तक चीन में गरीबी दर 10.2 प्रतिशत से घटकर 0.6 प्रतिशत तक गिर पड़ी है। जब चालू साल में अति गरीबी पूरी तरह मिटायी जाने के बाद चीन 10 साल के पहले यूएन वर्ष 2020 निरंतर विकास एजेंडा का गरीबी उन्मूलन लक्ष्य पूरा करेगा। यह वैश्विक गरीबी उन्मूलन के लिए बड़ा योगदान है।

चीन में गरीबी उन्मूलन की सफलता का मुख्य कारण क्या है। वर्ष 2015 गरीबी और विकास उच्च स्तरीय मंच में चीनी नेता शी चिनफिंग ने भाषण देते हुए साफ कहा था कि हम विकास से गरीबी दूर करने पर कायम रहते हैं और विकास गरीबी दूर करने का मूल रास्ता है।

अपने देश में गरीबी मिटाने के साथ-साथ चीन हमेशा दक्षिण दक्षिण सहयोग में सक्रिय रहा है। चीन व्यापक विकाशील देशों खासकर अविकसित देशों का समर्थन करता है। चीन की वकालत के तहत ब्रिक्स देशों का नया विकास बैंक और एआईआईबी स्थापित हुए। चीन विभिन्न देशों के साथ एक पट्टी एक मार्ग का निर्माण कर रहा है।

संयुक्त राष्ट्र का अनुमान है कि कोविड-19 महामारी के बुरे प्रभाव से वर्ष 2030 निरंतर विकास एजेंडा के गरीबी उन्मूलन का लक्ष्य पूरा करना बहुत कठिन होगा। इस वक्त गरीबी उन्मूलन में चीन के अनुभव और वैदेशिक सहयोग बहुत उपयोगी होगा। भविष्य में चीन विकास से केंद्रित रहकर विश्व आर्थिक बहाली बढ़ाता रहेगा, अंतरराष्ट्रीय गरीबी उन्मूलन सहयोग का विस्तार करेगा और विश्व भर में गरीबी उन्मूलन में योगदान देता रहेगा। (साभार---चाइना मीडिया ग्रुप ,पेइचिंग)