China

महामारी के बाद के युग में चीन का मत वैश्विक प्रशासन का मार्गदर्शन करेगा

चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने 21 नवंबर की रात को जी-20 शिखर सम्मेलन के पहले चरण में भाग लिया और वीडियो कॉंफ्रेंस के जरिये भाषण दिया। उन्होंने अपने भाषण में कोविड-19 महामारी के बाद के युग में अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था और वैश्विक प्रशासन पर सैद्धांतिक मत और ठोस सुझाव पेश किये, जो कि जी-20 को अधिक बड़ी भूमिका निभाने के लिए मार्गदर्शन किया है।

राष्ट्रपति शी ने कहा कि हमें एक साथ सलाह-मशविरे, निर्माण और साझा करने के सिद्धांत का पालन करते हुए बहुपक्षवाद, खुलेपन, समावेश, पारिस्परिक लाभ व सहयोग, और समय के साथ आगे बढ़ने पर कायम रहना चाहिए। 

वर्तमान में कोविड-19 की गंभीर चुनौतियों के सामने जी-20 की न सिर्फ इस महामारी से निपटने की जिम्मेदारी है, बल्कि दूरगामी दृष्टि से वैश्विक प्रशासन में सुधार करने, बाजार में विश्वास भरने और जनता के लिए आशा दिखाने की भी जिम्मेदारी है।

मौजूदा कठिनाइयों से निकलने के लिए राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने महामारी की रोकथाम दीवार खड़ी करने, विश्व आर्थिक व्यवस्था के सुचारू संचालन की बहाली करने, डिजिटल अर्थव्यवस्था की प्रेरक भूमिका निभाने और अधिक समावेशी विकास पूरा करने के सुझाव पेश किये हैं।

वैश्विक प्रशासन में मौजूद कमजोरियों को दूर करने के लिए शी चिनफिंग ने संयुक्त राष्ट्र से केंद्रित अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था मजबूत करने समेत चार सूत्रीय मत भी पेश किये, जिसने महामारी के बाद के युग में रोडमैप दिखाया है।

12 साल पहले अंतरराष्ट्रीय वित्त संकट के सामने चीन ने सक्रियता से जी-20 तंत्र का समर्थन किया था। चीन विश्व अर्थव्यवस्था का इंजन बना हुआ है। कोरोना महामारी समेत अनेक चुनौतियों से चीन ने कभी अपने पांव पीछे नहीं किये हैं। महामारी के बाद के युग में चीन विभिन्न पक्षों के साथ वैश्विक प्रशासन व्यवस्था के सुधार के लिए कोशिश करता रहेगा। (साभार---चाइना मीडिया ग्रुप ,पेइचिंग)