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चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा दोनों देशों की विकसित मांग के अनुकूल है- चीनी राजदूत

 पाकिस्तान में स्थित चीनी राजदूत याओ चिंग ने हाल में चीन और पाकिस्तान के बीच कूटनीतिक संबंध की स्थापना की 69वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित वीडियो संगोष्ठी में भाग लिया। उन्होंने कहा कि चीन और पाकिस्तान सभी मौसमों के रणनीतिक सहयोगी साझेदार हैं। लम्बे समय में दोनों देश एक दूसरे पर विश्वास करते हुए आपसी समझ लेते हैं। एक दूसरे के मूल हितों और अहम चिंता वाले मुद्दों पर चीन और पाकिस्तान पारस्परिक समर्थन करते हैं। चाहे अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय परिस्थिति में परिवर्तन कैसा भी आये, चीन और पाकिस्तान के बीच दोस्ती हमेशा मजबूत बनी रहेगी।
  
राजदूत याओ ने कहा कि वर्तमान में चीन-पाकिस्तान संबंध का विकसित रुझान बेहतर है। दोनों देशों के उच्च स्तरीय आवाजाही अधिकाधिक है, आपसी लाभ वाले सहयोग लगातार बढ़ रहा है।“बेल्ट एंड रोड”सहयोग और चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे के निर्माण में प्राप्त फलयादी उपलब्धियों से सक्रिय आर्थिक सामाजिक मुनाफ़ा पैदा हुआ और पाकिस्तान के विकास और जन-जीवन में सुधार को भी आगे बढ़ाया गया। हम पाकिस्तान के साथ मिलकर समान कोशिश करेंगे, ताकि द्विपक्षीय संबंध के विकास में लगातार नई प्रगति हासिल होगी और नए युग में ज्यादा घनिष्ठ चीन-पाकिस्तान साझे भाग्य समुदाय की स्थापना की जा सके।

वहीं, अमेरिका की वरिष्ठ राजनयिक और दक्षिण और मध्य एशियाई मामलों के उप सहायक सचिव ऐलिस वेल्स ने हाल में चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे को बदनाम किया। इसकी चर्चा करते हुए चीनी राजदूत याओ चिंग ने कहा कि मैडम वेल्स अभिमानी रवैया अपनाते हुए एक शिक्षक के रूप में तथाकथित अमेरिकी मॉडल का परिचय दिया। लगता है कि दुनिया भर में केवल अमेरिका ही बिलकुल सही है, दूसरे देश के पास विकास रास्ता और नमूने का कोई विकल्प नहीं हो। मैडम वेल्स के कथन में चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे के बारे में इस्तेमाल किए गए तथ्य और आंकड़े गलत हैं, जिनसे उनकी अज्ञानता दिखाई दी गई। मैडम वेल्स के दिमाग में शून्य जीत और शीत युद्ध वाली विचारधारा भरी हुई है। चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे सहयोग से संबंधित उनकी कथनी पाकिस्तान के अंदरूनी मामले पर उद्दंडतापूर्ण दखलंदाजी है, और साथ ही चीन-पाकिस्तन संबंध पर धृष्टतापूर्वक हस्तक्षेप भी।  

राजदूत याओ चिंग के मुताबिक, बड़ी मात्रा में तथ्यों और सबूतों से जाहिर है कि चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा दोनों देशों की विकसित मांग और हितों के अनुकूल है। अमेरिकी अधिकारियों ने कई बार चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे को बदनाम किया है और चीन-पाकिस्तान संबंध को नुकसान पहुंचाया है। अगर अमेरिका पाकिस्तान के साथ सहयोग करना चाहता है, और पाकिस्तान में विकास और निर्माण में गति देने का सहायक बनना चाहता है, तो हमें आशा है कि अमेरिका ने जो कहा, वैसा ही करेगा। 

राजदूत याओ चिंग ने यह भी कहा कि चीन और पाकिस्तान की सरकार अविचल रूप से आर्थिक गलियारे के निर्माण को आगे बढ़ाएगी, ताकि ज्यादा से ज्यादा पाक जनता को लाभ मिल सके और चीन-पाकिस्तान सहयोग के फलों से क्षेत्रीय और वैश्विक जनता को भी मुनाफ़ा मिल सके।    
( साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग )