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मानव जाति के गरीबी से छुटकारा पाने में चीन ने कायम की मिसाल

पेइचिंग भुनी बतख(रोस्ट डक) एक विख्यात चीनी परम्परागत भोजन है। जो कोई भी व्यक्ति पेइचिंग आता है, चाहे वह चीनी हो या विदेशी पेइचिंग रोस्ट डक खाने का आनंद जरूर उठाता है। लेकिन जब आप पेइचिंग में इस स्वादिष्ट भोज का आनंद उठाते हैं, क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि ये बतखें 4 हज़ार किमी दूर शिनच्यांग के हेथ्येन से आयी हैं। हेथ्येन की ल्वोफू काऊंटी ने इसके सहारे गरीबी से छुटकारा पाया है। ल्वोफू काऊंटी तकलिमाकेन रेगिस्तान में स्थित है, जिसके ओएसिस क्षेत्र का क्षेत्रफल केवल 6 प्रतिशत है, जो पहले चीन की राष्ट्रीय स्तरीय गरीब काऊंटी थी। 

2017 में पेइचिंग शहर ने ल्वोफू काऊंटी के साथ सहायता जोड़ बनाया और वहां पेइचिंग बतख का पालन करने की कोशिश की। अब यहां चीन की पेइचिंग बतखों का प्रजनन अड्डा बन चुका है। ल्वोफू काऊंटी में करीब 5000 परिवार पेइचिंग बतख के उद्योग में लगे हैं और गरीब जीवन से उन्हें मुक्ति मिल चुकी है। बीते 8 वर्षों की मेहनत से इस साल चीन की सभी गरीब काऊंटियों ने गरीबी से छुटाकारा पाया है। चीन के लगभग 10 करोड़ गरीब आबादी को गरीबी उन्मूलन कार्य से लाभ मिला है। सेनेगल के शेख एनता दिओप यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर मामादो फौल ने कहा कि चीन का गरीबी उन्मूलन फार्मूला अफ्रीका यहां तक विश्व के लिए मिसाल है। चीन सरकार की नेतृत्व शक्ति सीखने योग्य है। 

गरीबी उन्मूलन लम्बे अरसे से मानव जाति की अभिलाषा रही है, साथ ही विभिन्न देशों की जनता द्वारा सुखमय जीवन की खोज करने का सपना भी है। विश्व की प्रमुख नवोदित आर्थिक इकाई होने के नाते गरीबी उन्मूलन कार्य में चीन द्वारा प्राप्त उपलब्धियां अपने देश और दुनिया के आर्थिक विकास के लिए लाभदायक हैं। साथ ही इधर के वर्षों में चीन ने बेल्ट एंड रोड आदि वैश्विक सार्वजनिक उत्पादों के जरिए सक्रिय रूप से अन्य देशों के साथ विकास का सहयोग किया है, ताकि विश्व गरीबी उन्मूलन कार्य में सहायता दी जा सके। कुछ विदेशी विशेषज्ञों की नजर में इस संदर्भ में चीन के अनुभव व चीनी प्रस्ताव विश्व के लिए सीखने योग्य है और बाकी विकासशील देशों के अनवरत विकास के लिए चीन ने मिसाल भी कायम की है।

(साभार---चाइना मीडिया ग्रुप ,पेइचिंग)



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