China

महामारी की स्थिति में चीन का प्रदर्शन संतोषजनक

2020 खत्म होने वाला है, लेकिन कोविड-19 महामारी फिर भी दुनिया में फैल रही है। इस साल पूरी दुनिया कोविड-19 महामारी और आर्थिक मंदी का सामना कर रही है। चीन न सिर्फ एकमात्र मुख्य आर्थिक शक्ति बन गया है, जिसकी सकारात्मक आर्थिक वृद्धि कायम रही, बल्कि निर्यात और विदेशी प्रत्यक्ष पूंजी में भी अच्छी स्थिति बनी रही। हम एक साथ आंकड़ें देखते हैं। इस साल की पहली तीन तिमाहियों में चीन के जीडीपी में क्रमशः 6.8 प्रतिशत की कटौती, 3.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी और 4.9 प्रतिशत की बढ़ोतरी रही। 

पिछले जनवरी से नवंबर तक चीन का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश 8 खरब 99 अरब 38 करोड़ चीनी युआन रहा, जो पिछले साल की इसी अवधि से 6.3 प्रतिशत अधिक है। इससे विदेशी निवेश के प्रति चीन का आकर्षण जाहिर हुआ है। नवंबर में चीन का निर्यात 2 खरब 68 अरब 7 करोड़ युआन रहा, जो पिछले साल की इसी अवधि से 21.1 प्रतिशत अधिक है। निर्यात की वृद्धि दर मार्च 2018 के बाद एक नया रिकॉर्ड बना। चीन ने दुनिया में उपभोक्ता वस्तुओं की आपूर्ति और उद्योग श्रृंखला की स्थिरता में योगदान किया। विश्व बैंक द्वारा जारी ताजा अनुमान के अनुसार वर्ष 2020 में चीन की आर्थिक वृद्धि दर 2 प्रतिशत होगी और वर्ष 2021 में 7.9 प्रतिशत बढ़ेगी। 

आईएमएफ द्वारा जारी वैश्विक आर्थिक पूर्वानुमान शीर्षक रिपोर्ट में भी कहा गया है कि सिर्फ चीन में पुनरुत्थान की गति अनुमान से तेज बनी रही। दुनिया की मुख्य आर्थिक शक्तियों ने चीन के साथ संबंध तोड़ने के बजाय चीनी अर्थव्यवस्था पर निर्भरता बढ़ायी। हम पीछे देखते हैं, वर्ष 1997 में पूर्वी एशिया वित्तीय संकट पैदा हुआ, वर्ष 2008 में विश्व आर्थिक संकट हुआ और वर्ष 2020 में महामारी से वैश्विक आर्थिक मंदी आई। कई देश संकट में फंसे, सिर्फ चीन ने संकट को अवसर में बदलने का काम किया। चीन ने महामारी की रोकथाम और आर्थिक बहाली में अच्छा प्रदर्शन किया, जिससे नागरिक संतुष्ट हुए हैं, साथ ही दुनिया का ध्यान आकर्षित हुआ है और इतिहास में यह उल्लिखित होगा। चीन की आर्थिक शक्ति, तकनीकी क्षमता, राष्ट्रीय शक्ति और लोगों का जीवन स्तर एक नये स्तर पर पहुंचा है।

(साभार---चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)






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