Court approves archaeological survey

वाराणसी की ज्ञानवापी मस्जिद का पुरातात्विक सर्वे हेतु कोर्ट ने दी मंजूरी

वाराणसी (उत्तर प्रदेश) : वाराणसी की ज्ञानवापी मस्जिद का पुरातात्विक सर्वे हेतु कोर्ट ने मंजूरी दे दी है। इस दौरान ज्ञानवापी मामले में वाद मित्र विजय शंकर रस्तोगी द्वारा परिसर का पुरातात्विक सर्वेक्षण कराने की अपील पर पक्षकारों की बहस पूरी हो चुकी है। बहस के दौरान दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सिविल जज (सीनियर डिवीजन फास्ट ट्रैक) आशुतोष तिवारी ने 2 अप्रैल को निर्णय के लिए 8 अप्रैल की तिथि नियत की थी। लंबे समय के बाद ज्ञानवापी मामले में पुरातात्विक सर्वेक्षण कराने के वाद मित्र विजय शंकर रस्तोगी की अपील को कोर्ट ने मंजूर कर लिया है। सुन्‍नी सेंट्रल वक्‍फ बोर्ड के अधिवक्‍ता अभय नाथ यादव ने कहा कि वह फैसले से संतुष्‍ट नहीं हैं और इसे हाइकोर्ट में चुनौती देंगे। 

अदालत के फैसले को लेकर परिसर में काफी गहमागहमी का दौर बना रहा लेकिन दोपहर ढाई बजे फैसला हो गया। ज्ञानवापी मस्जिद मामले में पुरातात्विक सर्वेक्षण कराने के मामले में वाद मित्र विजय शंकर रस्तोगी की अपील को कोर्ट ने गुरुवार को अपने फैसले के दौरान मंजूर कर लिया है। इस मुकद्दमे के मामले में सुनवाई के क्षेत्राधिकार को लेकर सुन्‍नी सेंट्रल वक्‍फ बोर्ड और अंजुमन इंतजामिया मसाजिद ने सिविज जज सीनियर डिवीजन फास्‍ट ट्रैक के कोर्ट में सुनवाई करने के लिए अदालत में क्षेत्राधिकार को चुनौती दी थी लेकिन 25 फरवरी 2020 को सिविल जज सीनियर डिवीजन ने इस चुनौती को खारिज कर दिया था। इस फैसले के खिलाफ सुन्‍नी सेंट्रल वक्‍फ बोर्ड और अंजुमन इंतजामिया मसाजिद ने जिला जज के यहां निगरानी याचिका दाखिल किया था। 

इस बाबत प्राचीन मूर्ति स्वयंभू ज्योतिर्लिंग भगवान विश्वेश्वरनाथ की ओर से वाद मित्र विजय शंकर रस्तोगी ने कोर्ट में दलील दी कि वर्तमान वाद में विवादित स्थल की धार्मिक स्थिति 15 अगस्त 1947 को मंदिर की थी अथवा मस्जिद की इसके निर्धारण के लिए साक्ष्य की आवश्यकता है। विवादित स्थल विश्वनाथ मंदिर का एक अंश है इसलिए एक अंश की धार्मिक स्थिति का निर्धारण नहीं किया जा सकता बल्कि ज्ञानवापी परिसर का भौतिक साक्ष्य लिया जाना जरूरी है। पुराने विश्वनाथ मंदिर के अलावा परिसर में अनेक देवी-देवताओं के छोटे-छोटे मंदिर थे जिनमें से कुछ आज भी विद्यमान हैं। वर्तमान ज्योर्तिलिंग की स्थापना 1780 में महारानी अहिल्याबाई होल्कर ने कराया था। 



Live TV

Breaking News

Loading ...