Ford India, Court

अदालत ने दिल्ली पुलिस को Ford India के अधिकारियों के खिलाफ जोर-जबरदस्ती की कार्रवाई नहीं करने के दिए निर्देश

नयी दिल्लीः यहां की एक अदालत ने दिल्ली पुलिस को फोर्ड इंडिया के प्रबंध निदेशक और एक निदेशक के खिलाफ जोर-जबरदस्ती की कार्रवाई नहीं करने का निर्देश दिया है। इन अधिकारियों पर धोखाधड़ी का आरोप है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश राकेश कुमार ने 24 फरवरी को अंतरिम जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान कंपनी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक अनुराग मेहरोत्रा तथा अमेरिकी नागरिक एवं निदेशक डेविड एल शॉक को यह राहत प्रदान की। 

दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराधा शाखा (ईओडब्ल्यू) के अनुसार, फोर्ड के डीलर लिबरा कार्स (जीटी करनाल रोड) ने कंपनी के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात की शिकायत दर्ज कराई थी। डीलर ने कहा था कि फोर्ड इंडिया ने संबंधित पक्षों के बीच शर्तों का उल्लंघन किया है। शिकायतकर्ता के शोरूम के 10 किलोमीटर के दायरे में एक और डीलर की नियुक्ति कर शर्तों का उल्लंघन किया गया है। 

मेहरोत्र की ओर से अधिवक्ता विजय अग्रवाल तथा शॉक की ओर से अधिवक्ता रोहित कोचर उपस्थित थे। अपने आदेश में अदालत ने कहा कि दोनों आरोपी व्यक्ति फोर्ड इंडिया के निदेशक और प्रबंधक निदेशक हैं। कंपनी का भारत में बड़ा कारोबार है। ऐसे में उनके देश छोड़कर भागने या जांच में शामिल न होने की कोई आशंका नहीं है। साथ ही अदालत ने आरोपियों से कहा कि वे पुलिस की जांच में सहयोग करें। बेशक वे निजी तौर पर या वीडियो कॉन्फ्रेंिसग के जरिये पेश होकर पुलिस के सवालों का जवाब दें।




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