travel by train rules

कोरोना काल में कर रहे हैं ट्रेन का सफर तो न करें ये गलतियां, होगी जेल और लगेगा भारी जुर्माना

नई दिल्ली: कोरोना संकट के बीच भारतीय रेलवे ने कई ट्रेनें शुरु की हैं। एक तरफ रेलवे यात्री सुविधाओं को ध्‍यान में रखकर लगातार निर्णय ले रहा है तो दूसरी तरफ उन्‍हें कोरोना वायरस से बचाए रखने के लिए कुछ नियमों का पालन भी कर रहा है। इसी क्रम में रेलवे ने त्‍योहारों में बढ़ती मांग को देखते हुए सख्‍त यात्रा नियम जारी किए हैं। अगर कोई इन निमयों को तोड़ेगा तो उसे जेल जाना पड़ेगा या जुर्माना भी लगाया जा सकता है।

रेलवे के नए नियम
रेलवे स्टेशन में प्रवेश से लेकर अंतिम गंतव्य स्टेशन से निकलने तक यात्रियों के लिए मास्क लगाना अनिवार्य होगा। साथ ही मास्क सही तरीके से लगाया जाना चाहिए। ऐसा नहीं करने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सार्वजनिक स्थान पर थूकने या जानबूझकर किसी प्रकार मल-मूत्र त्याग के लिए भी दिशा-निर्देश में मना किया गया है। स्टेशन पर या ट्रेन के भीतर किसी प्रकार की गंदगी फैलाने या रेलवे प्रशासन द्वारा जारी किसी भी अतिरिक्त निर्देश का उल्लंघन भी दंडनीय अपराध होगा।

होगी जेल और जुर्माना
आरपीएफ ने कहा कि इन अपराधों के लिए रेलवे अधिनियम की धारा 145, 153 और 154 के तहत कार्रवाई की जाएगी। धारा 145 अवैध रूप से ट्रेन में सवार होने के बारे में है जिसके तहत कम से 1 महीने की कैद या 5,000 रुपए का जुर्माना देना होगा। अधिकतम 3 साल की कैद या 10,000 रुपए तक जुर्माना या दोनों हो सकता है। जानबूझकर दूसरों की सुरक्षा को खतरे में डालने के लिए धारा 153 के तहत 5 साल तक की कैद का प्रावधान है। वहीं अंजाने में या आवेग में दूसरों की सुरक्षा को खतरे में डालने के लिए 1 साल तक की कैद या जुर्माना या दोनों हो सकता है।