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घरेलू हिंसा मामलों में लगातार इजाफा, काउंसलिंग टीम भी नहीं सुधार पा रही बिगड़े रिश्तेः रिपोर्ट

चंडीगढ़ः (अंकुश महाजन) घरेलू हिंसा के मामलों में प्रत्येक वर्ष इजाफा होता जा रहा है। महिला थाने में आने वाली इन शिकायतों में पति पत्नी के रिश्ते को मजबूत करने के लिए काउंसलिंग टीम अहम रोल निभाती है लेकिन आंकड़े बताते हैं कि टीम बिगड़ते रिश्तों के सुधार की बुनियाद नहीं रख पा रही। RTI से मिली जानकारी से कई चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए है। 

आरटीआई एक्टिविस्ट आर के गर्ग ने अनुसार चार साल पहले सोशल वेलफेयर की काउंसलिंग टीम ने इसका जिम्मा संभाला था, लेकिन अब पुलिस की अपनी ही टीम इनकी काउंसलिंग कर रही है। महिला थाने में रोजाना औसतन आठ से दस मामले आ रहे हैं। इन मामलों में काउंसलिंग के दौरान यह बात भी सामने आई कि अधिकतर शिकायत में पति-पत्नी साथ रहना चाहते हैं, लेकिन परिवार के सदस्य छुटपुट बातों को लेकर एक-दूसरे पर आरोप लगाते रहते हैं। इससे पति-पत्नी के रिश्तों में दरार आ रही है। इसके अलावा रिश्तेदार की दखल की वजह से भी दंपती परेशान हैं। इन्हीं बातों को लेकर वे थाने पहुंच जाते हैं। 

आंकड़ों के अनुसार 2019 में टीम ने 45 फीसदी पति-पत्नी व परिवारों को जोड़ा। 2020 में यह आंकड़ा घटकर 30 फीसदी रह गया। महिला थाने में 2019 में शहर के अलग-अलग हिस्सों से 2524 शिकायतें दर्ज हुईं। इनमें पुलिस की काउंसलिंग टीम ने 1144 पति-पत्नी और उनके परिवार के बीच अनबनों को दूर कर उनका आपस में समझौता करवाया। साथ ही 178 मामलों में एफआईआर दर्ज की गई जबकि 2020 में लॉकडाउन के दौरान मामलों में बढ़ोतरी हुई और आंकड़ा बढ़कर 2784 पहुंच गया। टीम इनमें से सिर्फ 819 मामलों का निवारण कर सकी जबकि 96 मामलों में एफआईआर हुई है। 

जनवरी 2021 में 330 शिकायतें मिल चुकी है। महिला थाने में पुलिसकर्मी काउंसलर के अलावा सोशल वेलफेयर काउंसलिंग की अलग से टीम रखनी चाहिए, ताकि महिला थाने में आने वाले मामले को बेहतर तरीके से सुलझाया जा सके। 



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