Supreme Court, Franklin Templeton

SC ने दी Franklin Templeton की 6 योजनाओं को बंद करने पर ई-वोटिंग की वैधता को मान्यता

नई दिल्लीः सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को फ्रैंकलिन टेम्पलटन की छह म्यूचुअल फंड योजनाओं को बंद करने पर ई-वोटिंग की वैधता को मान्यता दी और कहा कि यूनिट धारकों को धन का वितरण जारी रहेगा। न्यायमूर्ति एस ए नजीर और संजीव खन्ना की पीठ ने ई-वोटिंग प्रक्रिया के लिए कुछ यूनिट धारकों द्वारा विरोध को खारिज करते हुए कहा कि धन का वितरण शीर्ष अदालत के पहले के आदेश के अनुसार जारी रहेगा।
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शीर्ष कोर्ट ने दो फरवरी को आदेश दिया था कि फ्रैंकलिन टेम्पलटन की छह म्यूचुअल फंड योजनाओं के यूनिट धारकों को तीन सप्ताह के भीतर 9,122 करोड़ रुपये का भुगतान किया जाए। कोर्ट ने कहा था कि धन का वितरण यूनिट धारकों की परिसंपत्तियों में हिस्सेदारी के अनुपात में की जाएगी।

इससे पहले शीर्ष कोर्ट ने भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) को ई-मतदान प्रक्रिया की देखरेख के लिए एक पर्यवेक्षक नियुक्त करने को कहा था। फ्रेंकलिन टेम्पलटन की छह म्यूचुअल फंड योजनाओं को बंद करने के संबंध में मतदान दिसंबर के अंतिम सप्ताह में हुआ था और इसे अधिकांश यूनिट धारकों द्वारा अनुमोदित किया गया था।
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