egg, chicken, bird flu, FSSAI

Bird Flu के चलते अंडा और चिकन खाना कितना सुरक्षित? FSSAI ने जारी की गाइडलाइंस

नई दिल्लीः कोरोनावायरस महामारी के बीच देश के कई राज्य बर्ड फ्लू यानी (एवियन इनफ्लुएंजा H5N1) की चपेट में आ गए हैं। बीते दिनों में लाखों पक्षियों की मौत हो चुकी है। ऐसे में बर्ड फ्लू के कारण देश में चिकन और अंडे खाने वालों की चिंता बढ़ गई है। अब सवाल यह है कि क्या बर्ड फ्लू मांस खाने से फैल सकता है? क्या पोल्ट्री या पोल्ट्री प्रोडक्ट्स खाना सुरक्षित है?

मांग और दाम में गिरावट
बता दें कि बर्ड फ्लू की वजह से इन उत्पादों की ना सिर्फ मांग में तेजी से गिरावट आई है, बल्कि इनके दाम भी धड़ाम हुए हैं। इन परिस्थितियों के मद्देनजर फूड सेफ्टी एंड स्‍टैंडडर्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ने विस्तृत दिशानिर्देश जारी किया है, ताकि फूड बिजनेस ऑपरेटरों और उपभोक्ताओं के बीच सही जानकारी पहुंचाई जा सके।
Android पर Dainik Savera App डाउनलॉड करें
FSSAI ने कहा है कि 70 डिग्री सेल्सियस पर 3 सेकेंड में ही यह वायरस दम तोड़ देता है। अगर मांस के सभी भागों और अंडों को 74 डिग्री सेल्सियस तापमान पर पकाया जाए तो यह वायरस मर जाता है। लिहाजा इस क्षेत्र से जुड़े कारोबारियों और उपभोक्ताओं को घबराने की जरूरत नहीं है।

FSSAI के दिशानिर्देश 
-कच्चे मांस को पकाते समय सुनिश्चित करें कि वह अच्छी तरह पके।
-इंफेक्टेड इलाकों में पक्षियों के सीधे संपर्क में आने से बचें।
-मरे हुए पक्षियों को नंगे हाथ से नहीं छुएं।
-कच्चे मांस को खाली स्थान पर नहीं रखें।
-कच्चे मांस के साथ सीधे संपर्क में आने से बचें।
-कच्चे चिकन को हैंडल करने के दौरान मास्क और गल्व्स का इस्तेमाल करें।
-कच्चा मीट और अंडे को छूने से पहले और बाद में अपने हाथों को गर्म पानी और साबुन से धोएं। 
-आस-पास के स्थानों को साफ-सुथरा रखें।
-सिर्फ अच्छे और पूरी तरह से पके चिकन व अंडों को खाएं।
Iphone पर  Dainik Savera App डाउनलॉड करें



Live TV

Breaking News

Loading ...