Jung Nanshan

तथ्यों ने महामारी को छुपाने की झूंठी बातों का खंडन किया : जूंग नानशान

2 जून को चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने चीन के कुछ विशेषज्ञों और विद्वानों के साथ सार्वजनिक चिकित्सा व्यवस्था के बारे में एक संगोष्ठी आयोजित की। मौके पर उपस्थित चीनी इंजीनियरिंग अकादमी के अकादमिशन जूंग नानशान ने कहा कि तथ्यों से महामारी को छुपाने की झूंठी बातों का खंडन किया गया है। 

नये कोरोना वायरस महामारी फैलने के बाद 84 वर्षीय जूंग नानशान खुद जल्द ही वूहान शहर गये और सबसे पूर्व वायरस के लोगों के बीच संक्रमण होने की सूचना की। जूंग नानशान ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा वूहान शहर को बन्द करने और देश के दूसरे क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर रोकथाम व नियंत्रण करने का जो फैसला लिया गया है, वह तथ्यों से सही साबित हुआ है। प्रारंभिक सटीक शोध और निर्णय के कारण से अभी तक चीन में महामारी से ग्रस्त रोगियों और मृतकों की संख्या विश्व में सबसे निम्न है। 

लेकिन अमेरिका में कुछ राजनीतिज्ञों और मीडिया ने चीन के खिलाफ बिना आधार के "महामारी को छुपाया" का दोष मड़ा। जूंग नानशान ने कहा कि महामारी की सूचना के प्रति चीन ने समय पर खुली और पारदर्शी घोषणा की। तथ्यों से यह साबित है कि चीन में महामारी से ग्रस्त रोगियों और मृतकों की संख्या निम्न है, हम ने किसी भी चीज़ों को नहीं छुपाया। 

जूंग नानशान ने कहा कि चीनी चिकित्सकों ने पूरी शक्ति से महामारी को रोकने का काम करने के साथ-साथ अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के साथ अपने अनुभवों का साझा किया। यह उल्लेखनीय प्रगति है। 10 मई तक चीन के चिकित्सकों ने अंतर्राष्ट्रीय आधिकारिक पत्रिकाओं में 650 नये कोरोना वायरस संबंधी लेख प्रकाशित किये जो सारी मात्रा का एक तिहाई भाग रही है। जूंग नानशान का मानना है कि नये कोरोना वायरस महामारी को रोकने के बारे में चीन के अनुभव को अधिकाधिक देशों द्वारा मान्यता प्राप्त है।
( साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग )