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क्या कोविड-19 प्रयोगशाला से लीक हुआ? जानिए अखिल पाराशर की ख़ास रिपोर्ट से

आये दिन ऐसी कई थ्यारी आती हैं कि कोरोनावायरस चीन के वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी में एक प्रयोगशाला से लीक हुआ है, लेकिन अब तक इसका कोई सबूत नहीं मिला है। जब से मध्य चीन के हुपेइ प्रांत के वुहान शहर से कोविड-19 की पहली रिपोर्ट आयी है, तब से कोरोनावायरस के मूल और उसके स्रोत पर काफी चर्चा होने लगी है। 
इस हाई-सिक्योरिटी लैब का कहना है कि इसमें कोरोनोवायरस के जीनोम का कोई रिकॉर्ड नहीं है, और यहां सख्त सुरक्षा उपायों का पालन किया जाता है, तो वायरस का प्रयोगशाला से लीक होने का सवाल ही नहीं उठता है। 
स्क्रिप्स रिसर्च में इम्यूनोलॉजी और माइक्रोबायोलॉजी के एसोसिएट प्रोफेसर और लेखक डॉ. क्रिस्टियन एंडरसन ने कहा कि ज्ञात कोरोनोवायरस उपभेदों के लिए उपलब्ध जीनोम अनुक्रम डेटा की तुलना करे, तो ठोस रुप से यह निर्धारित किया जा सकता है कि नया कोरोनावायरस प्राकृतिक प्रक्रियाओं के माध्यम से पैदा हुआ है। 
कोविड-19 को मानव को संक्रमित करने वाला सातवां कोरोनवायरस माना जा रहा है। यह वायरस का एक बड़ा परिवार है जो व्यापक रूप से गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है। कोरोनवायरस के कारण होने वाली पहली ज्ञात गंभीर बीमारी चीन में साल 2003 में सार्स महामारी के साथ उभरी। वहीं, साल 2012 में सऊदी अरब में मिडिल ईस्ट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम (मर्स) के साथ गंभीर बीमारी का दूसरा प्रकोप हुआ।
पिछले साल 31 दिसंबर को, चीनी अधिकारियों ने कोरोनोवायरस के एक नये रुप के प्रकोप के बारे में विश्व स्वास्थ्य संगठन को सचेत किया, जिसे बाद में नोवेल कोरोनावायरस का नाम दिया गया। महामारी शुरू होने के कुछ ही समय बाद, चीनी वैज्ञानिकों ने नये कोरोनावायरस के जीनोम का अनुक्रम किया और डेटा को दुनिया भर के शोधकर्ताओं के लिए उपलब्ध करवाया।
अब तक जो भी अध्ययन हुआ है, उससे यह जानकारी मिलती है कि वायरस एक गैर-मानव प्राणी में प्राकृतिक चयन के माध्यम से अपनी मौजूदा रोगजनक स्थिति में विकसित हुआ और फिर मनुष्यों में प्रवेश कर गया। पिछले कोरोनोवायरस का प्रकोप इस तरह से सामने आया है, जिसमें इंसान बिलाव कस्तूरी और ऊंट के सीधे संपर्क में आने के बाद संक्रमित हो गया था। 
शोधकर्ताओं ने कोविड-19 के लिए सबसे संभावित स्रोत के रूप में चमगादड़ को चुना है क्योंकि यह चमगादड़ कोरोनवायरस के समान है। हालांकि, प्रत्यक्ष चमगादड़-मानव संचरण का कोई आधिकारिक प्रमाण नहीं हैं, लेकिन माना जा रहा है कि चमगादड़ और मनुष्यों के बीच कोई न कोई होस्ट जरुर रहा होगा। लेकिन यह कहना है कि कोरोनावायरस किसी प्रयोगशाला से निकला है, वो समझ से परे है। 
साभारः चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग