एक हजार करोड़ का कर्ज

एक हजार करोड़ का कर्ज लेने की तैयारी में हिमाचल सरकार

कोरोना संकट काल में विकास की रफ्तार बरकरार रखने के लिए हिमाचल सरकार फिर से ऋण लेने की तैयारी में है। सरकार का वित्त महकमा इसके लिए तैयारी कर रही है। वित्त विभाग 22 दिसंबर को एक हजार करोड़ के ऋण के लिए आवेदन करेगा। ऋण की इस रकम को विकास कार्यों के साथ साथ सरकार प्रतिबद्ध देनदारियों के भुगतान के लिए इस्तेमाल करेगी। 


चालू वित्त वर्ष में सरकार अब तक करीब 3 हजार करोड़ कर्ज ले चुकी है। कोरोना से हिमाचल की अर्थव्यवस्था को झटका लगा है। हालांकि वित्तीय वर्ष की दूसरी व तीसरी तिमाही में अर्थव्यवस्था काफी हद तक पटरी पर लौटी हुई है, बावजूद इसके पर्यटन के साथ साथ परिवहन व अन्य क्षेत्रों को हुए नुकसान की भरपाई हो पाना मुश्किल है। जीएसटी संग्रहण में कमी की वजह से सरकार के खजाने में रकम कम आ रही है। नतीजतन सरकार को विकास कार्यों के लिए ऋण लेना पड़ रहा है। प्रदेश सरकार फिलवक्त करीब 59 हजार करोड़ के कर्ज के बोझ तले दबी हुई है। चालू वित्त वर्ष में ही सरकार अब तक तीन हजार करोड़ का ऋण ले चुकी है। 


कोरोना काल में केंद्र सरकार ने राज्य की ऋण लेने की सीमा को बढ़ा दिया है। ऋण लेने की सीमा बढ़ने के बाद सरकार छह हजार करोड़ तक का ऋण चालू माली साल में ले सकती है। लिहाजा दिक्कत होने की स्थिति में सरकार के पास मार्च माह तक और ऋण लेने के विकल्प खुले हैं। सनद रहे कि सरकार ने बीते जुलाई माह में 500, अक्तूबर में 1500 तथा नवंबर माह में भी एक हजार करोड़ का ऋण लिया है। दिसंबर माह में लिए जाने वाले ऋण समेत प्रदेश पर कर्ज का बोझ 60 हजार करोड़ होगा। 

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