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कोविड-19 की चपेट में हिमाचल की अर्थव्यवस्था, आय में भी गिरावट

शिमला: कोविड-19 महामारी का असर हिमाचल की अर्थव्यवस्था पर पड़ा है। पर्यटन तथा परिवहन के साथ-साथ औद्योगिक क्षेत्र में भी चालू माली साल में संकुचन देखा गया है। बीते माली साल के मुकाबले प्रति व्यक्ति आय में भी गिरावट दर्ज की गई है। बीते माली साल में जहां प्रचलित भावों पर प्रति व्यक्ति आय एक लाख 90 हजार 407 रुपए थी, वहीं चालू माली साल में प्रति व्यक्ति आय एक लाख 83 हजार 286 रुपए रहने का अनुमान है। 

शुक्रवार को प्रदेश विधानसभा में प्रस्तुत आर्थिक सर्वेक्षण का यही लब्बो-लुआब है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने शुक्रवार को 2020-21 का आर्थिक सर्वेक्षण विधानसभा में प्रस्तुत किया। आर्थिक सर्वेक्षण में अर्थव्यवस्था पर कोरोना का असर साफ झलक रहा है। सर्वेक्षण के मुताबिक 2019-20 में प्रदेश का सकल घरेलू उत्पाद एक लाख 62 हजार 816 करोड़ था। सकल घरेलू उत्पाद 2018-19 एक लाख 49422 करोड़ था। मगर 2020- 21 में सकल घरेलू उत्पाद में 6.2 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। 

सकल घरेलू उत्पाद में कृषि व संबद्ध क्षेत्रों की भागीदारी 215-16 के 15.89 फीसदी से घट कर 2020-21 में 13.62 फीसदी रह गई। आर्थिक सर्वेक्षण में कहा गया कि कोविड-19 महामारी के कारण प्रदेश में पर्यटन क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित हुआ है। प्रदेश में विदेशी एवं घरेलू पर्यटकों की आमद में 81.33 फीसदी की कमी 2020 में देखी गई। पर्यटकों की आमद घटने का असर सीधा सीधा होटल व रेस्त्रां के कारोबार
पर पड़ा। इसमें 3.2 फीसदी का संकुचन हुआ। पर्यटन के साथ साथ परिवहन क्षेत्र भी कोरोना से प्रभावित हुआ।

कोरोना के चलते प्रदेश में सड़क, जल तथा हवाई परिवहन क्षेत्र में 28 फीसदी की नकारात्मक वृद्धि हुई। कोरोना के चलते लागू लॉकडाऊन का असर रोजगार पर भी पड़ा तथा लोगों की आजीविका बुरी तरह से प्रभावित हुई। कोरोना काल में प्रदेश में औद्योगिक उत्पादन प्रभावित होने की वजह से इस क्षेत्र में संकुचन हुआ। खनन क्षेत्र में चालू माली साल में 18.4 फीसदी का नकारात्मक वृद्धि हुई। विनिर्माण क्षेत्र में बीते साल के 29.18 फीसदी के मुकाबले 2020- 21 में करीब 3 फीसदी की कमी के साथ 26.94 फीसदी रहने का अनुमान है। निर्माण क्षेत्र में 11.5 प्रतिशत का संकुचन हुआ। चालू वित्त वर्ष में प्रदेश में मुद्रा स्फीति की दर भी 2019-20 के 3.5 फीसदी से बढ़ कर 5.3 फीसदी तक पहुंच गई। मुद्रा स्फीति की दर बढ़ने से साफ है कि महंगाई बढ़ी है।



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