CHANDIGARH

सड़कों पर आवारा पशुओं का मामला: BJP उपाध्यक्ष अविनाश राय खन्ना की शिकायत पर Human rights commission ने पंजाब सरकार को जारी किया नोटिस

चंडीगढ़: पंजाब मानवाधिकार आयोग ने पूर्व सांसद व भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अविनाश राय खन्ना की शिकायत जिसमें उन्होंने पंजाब सरकार द्वारा सडक़ों पर घूम रहे आवारा पशुओं तथा गौधन के रखरखाव की उचित व्यवस्था करने में विफलता पर प्रश्र उठाए हैं, उसका सख्त नोटिस लेते हुए पंजाब के सभी पुलिस अधीक्षकों व उपायुक्तों के साथ-साथ पंजाब के स्थानीय निकाय विभाग के प्रिंसीपल सचिव को नोटिस जारी कर तुरंत जवाब मांगा है। 

खन्ना ने कहा कि दुुख की बात है कि गऊमाता के नाम पर वर्ष 2015 से पंजाब सरकार 9 से ज्यादा उत्पादों पर विशेष टैक्स (काऊसैस) इक्टठा कर रही है, जिसमें से एक पैसा भी गऊधन व गऊमाता के रखरखाव के लिए खर्च नहीं किया गया है और यह प्रदेशवासियों के मानवाधिकारों का हनन है। अगर सरकार इस काऊसैस का गौधन संभाल के लिए उचित प्रयोग तो सडक़ों पर आवारा घूम रहे पशुओं व गौधन की संभाल की जा सकती है जिससे इन पशुओं द्वारा प्रतिदिन होने वाली सडक़ दुर्घटनाओं, फसलों की क्षति तथा इन पशुओं के जखमी होने के खतरे को टाला जा सकता है। 

खन्ना की शिकायत पर आयोग ने स्थानीय निकाय विभाग को पंजाब में आवारा पशुओं की कुल संख्या, आवारा पशुओं के कारण पंजाब में अब तक हुए सडक़ हादसे, विभाग द्वारा काऊ सैस पर एकत्रित की जाती कुल राशि व आवारा पशुओं ने कुल कितने किसानों की फसल खराब की है, की रिपोर्ट बनाकर देने को कहा है। 

खन्ना ने अपनी शिकायत में आयोग को बताया कि पिछली प्रदेश सरकार ने गौधन के रखरखाव हेतु हर जिले में 25-25 एकड़ जमीन में कैटल पाऊंड बनाने व गौधन की व्यवस्था हेतु जिला स्तरीय कमेटियों का गठन करवाया था परंतु मौजूदा प्रदेश सरकार ने न तो गौधन व आवारा पशुओं के रखरखाव के प्रति कोई कदम उठाया और न ही कभी इस संबंधी गठित जिला स्तरीय कमेटियों की बैठक हुई। 

खन्ना ने बताया कि पंजाब में 472 प्राईवेट गऊशालाएं हैं जिनकी तरफ प्रदेश सरकार कोई ध्यान नहीं दे रही है, आवारा पशुओं के कारण सडक़ों पर होने वाली दुर्घटनाओं तथा किसानों की फसलों की बर्बादी की जिम्मेदार मौजूदा प्रदेश सरकार की है।