CM Amarinder Singh

लोगों के स्वास्थ्य के मद्देनज़र आईलैटस कोचिंग सैंटर रहेंगे बंद: सीएम कैप्टन

जालंधर :पंजाब के मुख्य मंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि लोगों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए आईलैटस कोचिंग सैंटरों को पुन: फिर  खोलने  की आज्ञा नहीं दी जायेगी। जालंधर निवासी ननीत कौर की तरफ से आज फेसबुक्क लाइव के दौरान पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए मुख्य मंत्री पंजाब ने स्पष्ट कहा कि वह निजी तौर पर इनं सैंटर के खुलने के ख़िलाफ़ नहीं हैं। उन्होने कहा कि लाकडाऊन से सबंधित दिशा निर्देश केंद्र सरकार की तरफ से राष्ट्रीय आफ़त  प्रबंधन एक्ट के अनुसार जारी किये जाते हैं जिस के अंतर्गत इन सैंटरों को लोगों की सुरक्षा को विश्वसनीय बनाने के लिए फिलहाल बंद किया गया है। कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि उनकी तरफ से लोगों के स्वास्थ्य के मद्देनज़र आईलैटस सैंटरों को खोलने की आज्ञा नहीं दी जा सकती परन्तु वह इन सैंटरों को खोलने  उबलने का मुद्दा केंद्र सरकार के पास उठायेंगे । देश में लगातार बढ रहे कोविड के मामलों पर चिंता प्रकट करते हुए मुख्य मंत्री ने कहा कि देश में लगातार कोविड केस बढ  रहे हैं और जबकि पंजाब में यह संख्या 6000 हज़ार तक पहुँच गया है और 157 मौतें अब तक हुई हैं। उन्होने दोहराया कि इससे सम्बन्धित सभी सावधानियॉ जिन में सामाजिक दूरी, मास्क पहनना, हाथ धोना आदि शामिल हैं को अपनाना बहुत ज़रूरी है। नियमों का उल्लंघन करने पर रोज़मर्रा की 4000 -5000 केस दर्ज होगें जिस में सड़कें पर थूकना शामिल है से सम्बन्धित लोगों से अपील करते हुए उन्होने कहा कि अपनी सुरक्षा और पंजाब को बचाने के लिए नियमों की पालना को विश्वसनीय बनाया जाये। हम सिर्फ़ कंट्रोल कर सकते हैं,इलाज नहीं मुख्य मंत्री ने लोगों को न्योता दिया कि मिशन फ़तेह के अंतर्गत सरपंचों और अन्यों की तरफ से कोविड -19 महामारी से बचाव के लिए बताए जा रहे दिशा निर्देशों की पालना को विश्वसनीय  बनाया जाये। 
मुख्य मंत्री पंजाब ने कहा कि सरकार अपनी ओर से लोगों को कोरोना वायरस महामारी से बचाने के लिए हर संभव  प्रयास कर रही है।  उन्होने  कहा कि राज्य  सरकार की तरफ से कोविड -19 के इलाज के लिए सरकारी अस्पतालों में इलाज और दवाईयां नि:शुल्क मुहैया करवाई जा रही हैं।  राज्य में एंबुलेंस सामर्थ्य को मज़बूत करने के लिए उन्होने कहा कि इस साल 400 एंबुलेंस के लक्ष्य को प्राप्त कर लिया जायेगा। उन्होने कहा कि राज्य में खेल को उत्साहित करने के लिए हर ब्लाक में 5-5कुल 750 खेल स्टेडियम बनाऐ जाएंगे।