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भारत-पाकिस्तान के बीच करीब 3 साल बाद आज हो रही बैठक, सिंधु जल बंटवारे पर चर्चा शुरू

नई दिल्लीः भारत-पाकिस्तान के बीच करीब 3 साल के लंबे इंतजार के बाद आज फिर से बैठक हो रही है। पाकिस्तान के 8 अधिकारी भारत पहुंच चुके हैं और दो दिनों तक दोनों देशों के अधिकारी सिंधु घाटी जल बंटवारे पर बात करेंगे। बैठक में शामिल हुए भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व पीके सक्सेना कर रहे हैं और इसमें केंद्रीय जल आयोग, केंद्रीय बिजली प्राधिकरण एवं राष्ट्रीय जल विद्युत ऊर्जा निगम के उनके सलाहकार शामिल हैं। मंगलवार को शुरू हुई दो दिवसीय वार्ता में उम्मीद है कि पाकिस्तान चेनाब नदी पर भारत द्वारा स्थापित की जा रही जलविद्युत परियोजना की डिजाइन पर आपत्ति दर्ज करेगा, जिसका पानी सिंधु जल समझौते के तहत पाकिस्तान को आवंटित किया गया है। 

वर्ष 2019 के अगस्त में भारत सरकार द्वारा जम्मू-कश्मी को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद-370 को निष्क्रिय करने एवं राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख में बांटने के बाद दोनों आयोगों की यह पहली बैठक हो रही है। भारत ने इसके बाद से इलाके में कई पनबिजली परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इनमें लेह क्षेत्र में दुरबुक श्योक (19 मेगावाट क्षमता), शांकू (18.5 मेगावाट क्षमता), नीमू चिलिंग (24 मेगावाट क्षमता), रोंगदो(12 मेगावाट क्षमता), रत्न नाग (10.5 मेगावाट क्षमता) और कारगिल में मांगदम सांगरा (19 मेगावाट क्षमता), कारगिल हंडरमैन (25 मेगावाट क्षमता) व तमाश (12 मेगावाट क्षमता) परियोजना शामिल है।  



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