China ASEAN Expo

इंडोनेशियाई राजदूत: चीन-आसियान एक्सपो का सफल आयोजन बहुत उल्लेखनीय

17वां चीन-आसियान एक्सपो 27 से 30 नवंबर तक चीन के क्वांगशी चुआंग जातीय स्वायत्त प्रदेश की राजधानी नाननिंग में आयोजित हो रहा है। 28 नवंबर की दोपहर को चीन स्थित इंडोनेशिया के राजदूत जौहरी ओरातमनगुन ने इंडोनेशिया के प्रदर्शनी भवन में चाइना मीडिया ग्रुप(सीएमजी) के संवाददाता से विशेष साक्षात्कार किया। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी अभी भी दुनिया भर में फैल रही है और विश्व अर्थव्यवस्था को गंभीर नुकसान पहुंचा है और वह कठिनाइयों का सामना कर रही है। ऐसे मुश्किल वक्त में चीन-आसियान एक्सपो का सफल आयोजन बहुत ही उल्लेखनीय और प्रशंसा योग्य है। 

जौहरी ओरातमनगुन ने कहा कि इस बार का चीन-आसियान एक्सपो पहले के एक्सपो से अलग है, यह एक्सपो पहले की एकल पारंपरिक ऑफ़लाइन प्रदर्शनी से इस बार के अभिनव तरीके के "ऑफ़लाइन+ऑनलाइन प्रदर्शनी" के दो रूपों में बदल चुका है। एक्सपो के उद्घाटन समारोह में चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने जोर देकर कहा कि वर्तमान दुनिया को डिजिटल अर्थव्यवस्था में सहयोग को गहरा किया जाना चाहिए। ऑनलाइन चीन-आसियान एक्सपो डिजिटल अर्थव्यवस्था के सहयोग का एक प्रमुख प्रदर्शन है। इस मंच के माध्यम से अधिक से अधिक इंडोनेशियाई कंपनियां अपने उत्पादों को ऑनलाइन प्रदर्शित कर सकती हैं। 

चीन-आसियान एक्सपो की भूमिका की चर्चा करते हुए जौहरी ओरातमनगुन ने कहा कि हाल ही में आसियान के दस देशों, चीन और जापान, दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड समेत 15 देशों ने क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (आरसीईपी) पर हस्ताक्षर किए, जिनका आर्थिक पैमाना दुनिया का 30 प्रतिशत हिस्सा है। वह एक विशाल मुक्त व्यापार समझौता है, जिसका उद्देश्य विभिन्न पक्षों के सहयोग को बढ़ाना और आरसीईपी के सदस्य देशों के बीच व्यापारिक स्तर को उन्नत करना है। 

जौहरी ने कहा कि चीन ने 14वीं पंचवर्षीय योजना और वर्ष 2035 तक के दीर्घकालीन लक्ष्यों पर सीपीसी के सुझावों को पारित किया, जिससे चीन का खुलेपन और अधिक बढ़ाने का संकल्प जाहिर हुआ। चीन अन्य देशों के साथ विशेष रूप से आर्थिक व व्यापारिक क्षेत्रों में अच्छे संबंध बनाए रखने की उम्मीद करता है, जिससे इंडोनेशिया सहित व्यापारिक भागीदार देशों को लाभ मिलेगा। चीन दुनिया का दूसरा बड़ा आर्थिक समुदाय बन चुका है। इंडोनेशिया को आशा है कि विभिन्न क्षेत्रों में चीन के साथ सहयोग, विशेष रूप से आर्थिक और व्यापारिक सहयोग को मजबूत किया जाएगा, जिससे दोनों देशों और दोनों देशों के लोगों को लाभ मिलेगा।
(साभार-चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)


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