गरुड़ पुराण

भगवान विष्णु जी के गरुड़ पुराण में लिखा गया है आपके अच्छे बुरे कामों की सज़ा ,जानिए आप भी

हम सब ने सुना है के भगवत गीता ,कुरान में ऐसी बहुत सी बातें है जो हमे हमारे जीवन के मार्ग दर्शन को दर्शाती है। और इनसे हमे हमारे जीवन को जीने की सीख मिलती है। ऐसे ही 18 पुराणों में शामिल गरुड़ पुराण का भी विशेष महत्व माना गया है। जिसके अधिष्ठात देव हैं भगवान विष्णु। इसीलिए यह पुराण पूरी तरह से विष्णु देव को समर्पित है। इस पुराण की विशेषता है कि इसमें अच्छे व बुरे जैसे भी कर्म हो उनके अनुसार मिलने वाले फल के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई है। ऐसे में ये पुराण सद्कर्म की ओर हमें अग्रसर भी करता है और बुरे कर्मो से बचने की सलाह भी देता है। 

1. भगवान विष्णु का ध्यान
सबसे पहली बात यही है कि जो मनुष्य नारायण की भक्ति में लीन रहता है, उन्हीं के नाम से दिन का शुभारंभ करता है उसे जीवन में सदैव सफलता ही प्राप्त होती है. चूंकि भगवान विष्णु तीनों लोकों के पालनकर्ता हैं इसीलिए अगर अपने दुखों से मुक्ति चाहते हैं तो भगवान विष्णु का नियमित रूप से ध्यान ज़रुरी है. 

2. एकादशी का व्रत
एकादशी का व्रत भगवान विष्णु के निमित्त किया जाता है.और गरुड़ पुराण में इस व्रत की महिमा बताई गई है. कहा गया है कि इस व्रत को करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है और सभी पाप मिट जाते हैं. लेकिन एकादशी के व्रत के कुछ विशेष नियम भी हैं जिनका पालन करना बेहद ज़रुरी होता है. तभी यह व्रत सफल माना जाता है. 

3. गंगा व गंगाजल है कलयुग में सबसे पवित्र 
गरुड़ पुराण में गंगा व गंगाजल का भी महत्व बताया गया है. कहा गया है कि कलयुग में गंगा और इसका जल सबसे पवित्र है जो मोक्षदायिनी है. इसीलिए हर धार्मिक अनुष्ठान में गंगाजल बेहद महत्वपूर्ण बताया गया है. इससे आप कार्यों में सफल होते हैं. 

4. तुलसी 
गरुड़ पुराण में कहा गया है कि तुलसी का पौधा हर घर में अवश्य रखना चाहिए. विष्णु जी को तुलसी अति प्रिय है इसीलिए प्रतिदिन तुलसी में दीया जलाए और आरती करें.