Shri Krishna ji, JAMVANTI

जानिए उस कथा के बारे में जब गुस्से में श्री कृष्ण जी ने दिया था अपने ही बेटे को श्राप

भगवान श्री कृष्ण की पूजा तो हर एक व्यक्ति बड़े सच्चे मन से करता है। बहुत सी ऐसी कथाएं हैं जो श्री कृष्ण जी से जुडी हैं और भक्त उन्हें पढ़ना या सुनना पसंद करते हैं। वैसे तो श्री कृष्ण जी की सभी लीलाएं तो अप्रम पार हैं। आप सभी ने भगवान श्री कृष्ण से जुडी कई कहानियां सुनी होंगी। लेकिन उन में से कुछ कहानियां ऐसी भी हैं जिनके बारे में आप शयद ही कभी जानते होंगे। जी हाँ, आज हम आपको ऐसी ही एक श्री कृष्ण जी से जुडी कथा लेकर आएं हैं जिसे आपने पहले नहीं सुना होगा। दरअसल ये कथा तब की है जब कृष्ण जी ने गुस्से में अपने ही पुत्र सांबा को कोढ़ी होने का श्राप दे दिया था। तो चलिए इस कथा को विस्तार से जानते हैं। 

कहानी - श्रीकृष्ण की कई रानियां थीं, जिनमें से एक जामवंत की पुत्री जामवंती भी थी। कहा जाता है श्रीकृष्ण और जामवंती के विवाह के पीछे भी एक कहानी है। जी दरअसल पुराणों के अनुसार, बहुमूल्य मणि हासिल करने के लिए भगवान श्रीकृष्ण और जामवंत में 28 दिनों तक युद्ध चला था। उस समय युद्ध के दौरान जब जामवंत ने कृष्ण के असली रूप को पहचान लिया, तो उन्होंने मणि समेत अपनी पुत्री जामवंती का हाथ भी उन्हें सौंप दिया। वहीं कृष्ण और जामवंती के पुत्र का नाम ही सांबा था। 

मान्यता है के सांबा इतना सुंदर और आकर्षक था कि श्रीकृष्ण की कई पटरानियां भी उसकी सुंदरता के प्रभाव में आ गई थीं। वहीं सांबा के रूप से प्रभावित होकर एक दिन श्रीकृष्ण की एक रानी ने सांबा की पत्नी का रूप धारण कर उसे आलिंगन में भर लिया, लेकिन ऐसा करते हुए श्रीकृष्ण ने उन दोनों को देख लिया। उसके बाद गुस्सा होकर श्रीकृष्ण ने सांबा को कोढ़ी हो जाने का श्राप दे दिया। अगर पुराणों को माने तो महर्षि कटक ने सांबा को कोढ़ से मुक्ति का उपाय बताते हुए सूर्य देव की उपासना करने को कहा। 

उसी के बाद सांबा ने चंद्रभागा नदी के किनारे मित्रवन में सूर्य देव का एक मंदिर बनवाया और 12 सालों तक सूर्य देव की कड़ी तपस्या की। कहा जाता है सूर्य देव ने सांबा की तपस्या से प्रसन्न होकर उसे कोढ़ से मुक्ति पाने के लिए चंद्रभागा नदी में स्नान करने को कहा। आपको बता दें के आज भी चंद्रभागा नदी को कोढ़ ठीक करने वाली नदी के रूप में जाना जाता है। माना जाता है के अगर कोई कोढ़ व्यक्ति उस नदी में स्नान करता है तो वो बहुत जल्द ठीक हो जाता है।