Corona

कोविड-19 की चपेट में आए बुजुर्गों की दिक्कतें बढ़ी

कोविड-19 की चपेट में आए बुजुर्ग दंपत्तियों को सरकार की संवेदनाओं की दरकार है। दंपत्तियों को कोविड-19 रोगियों के उपचार की एसओपी के चलते दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। प्रोटोकोल के चलते कोविड-19 की चपेट में आए रोगियों के घरों में डॉक्टरों के जाने का प्रावधान बेशक नहीं है, मगर इस प्रावधान की वजह से रोगियों को दवाई खरीदने में भी दिक्कत हो रही है। होम आइसोलेशन में चल रहे कई ऐसे बुजुर्ग रोगी हैं जिनके पास दवा लाने के लिए भी घर पर कोई नहीं। शिमला के एक कोविड-19 रोगी ने दैनिक सवेरा को बताया कि वह और उनकी धर्म पत्नी दोनों कोविड-19 की चपेट में हैं। शिमला के कच्चीघाटी इलाके में रहने वाले इस व्यक्ति ने बताया कि उनका बेटा व बहु बिलासपुर में हैं। वे दोनों भी कोरोना की चपेट में आ गए थे। सरकारी सेवा से रिटायर इस व्यक्ति ने बताया कि कोरोना पाजिटिव पाए जाने के बाद वह होम आइसोलेशन में हैं। उनके घर पर पल्स आॅक्सी मीटर भी नहीं। किसी तरह से उन्हें शिमला के सीएमओ ने दवाओं की फेहरिस्त व्हाट्स ऐप्प पर भेजी। मगर घर में दवा लाने वाला कोई नहीं। आशा वर्कर फोन कर आॅक्सीजन का स्तर जांचने की सलाह देती हैं। मगर प्लस आॅक्सी मीटर है ही नहीं। बाजार से भी कैसे मंगवाएं। उनका कहना है कि उनके जानने वाले कुछ और लोग भी इसी तरह की दिक्कतों का सामना कर रहे हैं। कच्ची घाटी में रहने वाले उक्त व्यक्ति ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर व स्वास्थ्य मंत्री डॉ राजीव सैजल से मांग कि कोविड-19 रोगियों को घरों में दवाएं व अन्य आवश्यक वस्तुओं को पहुंचाने के लिए एसओपी में बदलाव किया जाए।