कोविड-19

जिला में कोविड-19 का रिकवरी रेट अच्छा : डीसी

सोलन जिला को कोरोना अब गहरे जख्म देने लगा है। दो माह के भीतर ही जिला में कोरोना के करीब 1400 मामले सामने आए है। अब जिला में किसी भी प्रकार का लॉकडाऊन नहीं है और धीरे-धीरे सभी चीजें खुलती जा रही है, लाजमी है कि ऐसी स्थिति में कोरोना के मरीज बढ़ेंगे। यदि हर आदमी एहतियात बरतें तो मरीजों की संख्या में कमी दर्ज की जा सकती है। डीसी सोलन केसी चमन ने यह बात सोलन में पत्रकार वार्ता में कही। उन्होंने कहा कि सोमवार दोपहर तक जिला सोलन में 1643 केस आ चुके हैं, जिनमें से 380 एक्टिव है तथा 1200 से अधिक ठीक भी हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि जिला में रिकवरी रेट अच्छा है, लेकिन कोरोना से हुई मृत्यु ने चिंता बढ़ा दी है। उन्होंने कहा कि जिला में अब तक कोरोना से 14 लोगों की मृत्यु हुई है, इनमें से कुछ ऐसे केस भी थे, जिनकी जान बचाई जा सकती थी। उन्होंने कहा कि यदि किसी को खांसी जुखाम बुखार हो तो वह तुरंत डाक्टर से संपर्क करें, न कि इधर-उधर से ही अपना ईलाज करवाते रहे। डीसी केसी चमन ने कहा कि प्रदेश सरकार के आदेशानुसार आगामी 10 सितंबर से प्रदेश के मंदिर खुलने जा रहे हैं। इस संदर्भ में जिला के सभी शिक्तपीठ भी खुलेंगे, लेकिन इसके लिए कई प्रकार की शर्तें लागू रहेंगी। डीसी ने कहा कि कोई भी आईएलआई से पीड़ित व्यक्ति मंदिर परिसर में प्रवेश नहीं कर सकेगा। मंदिर में दर्शन के दौरान मास्क, सोशल डिस्टैंसिंग का पूरा ख्याल रखना होगा। डीसी ने कहा कि प्रवेशद्वार परवाणू में कोरोना संक्रिमतों की बढ़ती संख्या भी चिंता का विषय है। इसी को देखते हुए परवाणु में कोविड केयर सैंटर बनाया गया है। जहां पर करीब 60 बेड होंगे। इसके अतिरिक्त सायरी में भी एक कोविड केयर सैंटर बनाने की प्रक्रि या लागू है। उन्होंने कहा कि मास्क न पहनने वालों के खिलाफ अब एक्शन तेज होगा। अब तक 800 के करीब लोगों के चालान काटे गए हैं। इस दौरान एसपी अभिषेक यादव, एसी टू डीसी भानू गुप्ता, सीएमओ डा. राजन उप्पल मौजूद रहे।