Lok Sabha members

मानसून सत्र में राज्यसभा कक्ष में भी बैठेंगे लोकसभा सदस्य

नई दिल्लीः संसद का मानसून सत्र 14 सितंबर से शुरू होने वाला है। कोरोना वायरस महामारी को देखते हुए संसद की कार्यवाही के दौरान एहतियात के तौर पर कुछ उपायों का पालन किया जाएगा। इसके तहत लोकसभा सांसद राज्यसभा कक्ष में भी बैठेंगे।

पिछले सत्रों के विपरीत यह अनोखा परिवर्तन कोविड-19 महामारी के प्रसार को रोकने के लिए अपनाए जाने वाले उपायों के तहत किया जाएगा। देश में कोरोनावायरस संक्रमितों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। गुरुवार को देश में रिकॉर्ड 95,735 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं, जो अभी तक एक दिन में मिले सबसे अधिक संक्रमित मामले हैं। अब तक देश में कुल मिलाकर 44,65,863 कोरोना मामले सामने आ चुके हैं। निचले सदन के सदस्यों के बैठने की व्यवस्था के बारे में मीडिया को जानकारी देते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि 257 सांसदों को सदन के मुख्य कक्ष में और 172 सांसदों को आगंतुकों की गैलरी में बैठाया जाएगा।

इसके अलावा लोकसभा के 60 सदस्य राज्यसभा के मुख्य कक्ष में बैठेंगे और इसके अलावा 51 सदस्य उच्च सदन (राज्यसभा) की गैलरी में बैठेंगे। बिरला ने कहा कि राज्यसभा कक्ष में बैठने वाले सदस्य लोकसभा की कार्यवाही में भाग लेंगे और कार्यवाही सुचारु रूप से चलाने के लिए एलईडी स्क्रीन लगाई जाएगी। उन्होंने बताया कि कार्यवाही में भाग लेने वाले सदस्यों की उपस्थिति मोबाइल के माध्यम से की जाएगी।

बिरला ने कहा कि शून्यकाल आधे घंटे का होगा और कोई प्रश्नकाल नहीं होगा, हालांकि लिखित प्रश्न पूछे जा सकते हैं और उनका उत्तर मिलेगा। बिरला ने कहा कि पहले दिन 14 सितंबर को कार्यवाही सुबह नौ बजे से दोपहर एक बजे तक चलेगी। जबकि 15 सितंबर से अक्टूबर तक सदन की अन्य कार्यवाही एक बजे से शाम सात बजे तक आयोजित की जाएगी। शनिवार और रविवार को कोई छुट्टी नहीं होगी।

कोविड-19 महामारी के मद्देनजर कागज का कम से कम उपयोग करने का प्रयास किया जा रहा है और सांसद अपनी उपस्थिति डिजिटल माध्यम से दर्ज कराएंगे। कोविड-19 के बीच आयोजित होने वाले इस सत्र के लिए सघन तैयारियां की जा रही हैं, जिसमें सांसदों की जांच कराने से लेकर लोकसभा और राज्यसभा में दूरी बनाकर बैठने की व्यवस्था करना शामिल है। सदन में प्रवेश करने वाले सभी लोगों के शरीर के तापमान को जांचने के लिए थर्मल गन और थर्मल स्कैनर का उपयोग किया जाएगा। इसके अलावा परिसर के स्वच्छता के लिए उचित उपाय किए जाएंगे।

सदन के भीतर 40 स्थानों पर टचलेस सैनिटाइटर लगाए जाएंगे और आपातकालीन मेडिकल टीम और स्टैंडबाय पर एम्बुलेंस की सुविधा भी होगी। कोविड-19 रोकथाम से संबंधित सभी शानिर्देशों का सख्ती से पालन किया जाएगा। लोकसभा कक्ष के भीतर सामाजिक दूरी और अन्य दिशानिर्देशों का पालन किया जाएगा। सदस्यों को उनकी संबंधित सीटों पर बैठने के दौरान अध्यक्ष को संबोधित करने की अनुमति दी जाएगी।