Chandigarh

किसानों और केंद्र के बीच बैठक आज, किसान मजदूर संघर्ष कमेटी नहीं लेगी हिस्सा

चंडीगढ़ः पंजाब के किसानों के संगठन किसान मजदूर संघर्ष कमेटी (KMSC) ने कृषि कानूनों पर केंद्र द्वारा बुलाई गई बैठक में भाग लेने से मना कर दिया और वार्ता के लिए सभी किसान संगठनों के प्रतिनिधियों को बुलाने की मांग की। KMSC के महासचिव सरवन सिंह पंढेर ने बताया कि विभिन्न किसान संगठनों की एक कमेटी को आमंत्रित नहीं किया गया और बैठक में प्रधानमंत्री भी हिस्सा नहीं ले रहे हैं। इन कारणों से KMSC बैठक में हिस्सा नहीं लेगी। 

पंढेर ने आरोप लगाया कि सरकार सभी किसान संगठनों को आमंत्रित नहीं कर प्रदर्शनकारी किसानों को बांटने का प्रयास कर रही है। अगर पंजाब के 32 किसान संगठनों को वार्ता के लिए बुलाया गया है तो करीब 500 किसान संगठनों का प्रतिनिधित्व करने वाली कमेटी को भी आमंत्रित करना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि सभी किसान संगठनों को आमंत्रित नहीं करना किसान संगठनों को बांटने की कोशिश है। अगर हम बैठक में हिस्सा लेंगे तो समझा जाएगा कि यह आंदोलन केवल पंजाब में हुआ। हो सकता है कि यह केंद्र का षड्यंत्र हो। 

बता दें कि, कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कोविड-19 महामारी और ठंड का हवाला देते हुए सोमवार को किसान संगठनों के नेताओं को 3 दिसंबर के बजाए मंगलवार को वार्ता के लिए आमंत्रित किया था। नए कृषि कानूनों के खिलाफ लगातार छठे दिन दिल्ली की अलग-अलग सीमा पर हजारों किसान डटे हुए हैं। किसानों को आशंका है कि नए कानूनों से न्यूनतम समर्थन मूल्य की व्यवस्था खत्म हो जाएगी और कारोबारी घरानों को बढ़ावा मिलेगा। 




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