Haridwar, UP, highway

यूपी से हरिद्वार जाना और आसान, शिक्षा मंत्री निशंक ने 54 सौ करोड़ की सड़क परियोजनाओं का किया उद्घाटन

नई दिल्लीः केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने अपने संसदीय क्षेत्र हरिद्वार में एनएचएआई की दो बड़ी परियोजनाओं का उदघाटन करते हुए कहा कि इनसे हरिद्वार से विकास की एक नई गंगा बहेगी। उन्होंने वीडियो कॉन्फ्ऱेंसिंग के माध्यम से सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की कुल 5400 करोड़ की दो प्रमुख परियोजनाओं का उद्घाटन किया। 

केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने परियोजाओं का लाभ बताते हुए कहा कि, ‘‘इससे यात्र के समय को कम करने में मदद करेगी, बल्कि पर्यावरण की दृष्टिकोण से यह टिकाऊ भी होगी। पहले मुजफ्फरनगर (उत्तर प्रदेश) से हरिद्वार (उत्तराखंड) जाने के लिए लगभग 3 घंटे लगते थे, जबकि अब महज 1.15 घंटे लगेंगे यानी यात्रा का समय लगभग 90 मिनट कम हो जाता है। इसके अलावा प्लास्टिक अपशिष्ट पदार्थ का उपयोग कर के सर्विस रोड के 9 किलोमीटर लंबाई तक का निर्माण भी किया गया है। साथ ही लगभग 70,000 पौधों का रोपण कार्य भी किया जा रहा है। वीयूपी, आरओबी फ्लाईओवर आदि से युक्त 2.5 किम. के एलिवेटेड सेक्शन के निर्माण और 16 किम  के बाईपास निर्माण के बाद कुंभ मेले और कावड़ मेले में होने वाली भीड़ भाड़ को भी टाला जा सकेगा।’’

उन्होंने बताया कि इन परियोजनाओं से सड़क दुर्घटनाओं और मृत्यु दर में भी भारी कमी आएगी। अधिकांश ब्लैक स्पॉट्स को ठीक कर दिया गया है, जिसके परिणामस्वरूप होने वाली दुर्घटनाओं एवं मृत्यु संख्या में कमी आई है। किसी भी आपातकालीन स्थिति में यात्रियों की मदद हेतु पूरे राजमार्ग खंड के लिए एम्बुलेंस और गश्त दल को तैनात किया गया है। उन्नत हाईवे ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम, परियोजना स्थलों पर स्थापित किये गये है जिसमें 5 कैमरा, वैरिएबल मैसेज डिस्प्ले सिस्टम और आपातकालीन संपर्क प्रणाली की सुविधा शामिल है।  डॉ. निशंक ने शिक्षा विभाग की ओर से शुरू की गई एक पहल जिसके तहत देश भर के प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थान (जिनमें आईआईटी, एनआईटी तथा एआईसीटीई अनुमोदित अन्य इंजीनियरिंग कॉलेज शामिल हैं) ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के साथ संबद्ध होकर, राष्ट्रीय राजमार्ग के आसपास के हिस्सों को अपनाने पर बल दिया गया है के बारे में भी बताया।

जिन परियोजाओं का उद्घाटन हुआ, उसमें लगभग 5000 करोड़ की लागत से राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-58) के तहत मुजफ्फरनगर-हरिद्वार खंड और एनएच-72 ए के छुटमलपुर-गणोशपुर तथा एएच-73 के तहत रुड़की-छुटमलपुर-गगलहेरी के 4 लेन की कुल 170 किमी लंबा निर्माण कार्य शामिल है। इसके अलावा करीब चार सौ करोड़ की लागत से अल्मोड़ा, पौड़ी-गढ़वाल और रूद्रप्रयाग को कवर करते हुए लगभग 400 करोड़ की लागत वाली 80 किमी. लंबी परियोजना शामिल है। इसके तहत अल्मोड़ा में राष्ट्रीय राजमार्ग-309 बी के तहत 44.10 किलोमीटर, पौढ़ी-गढ़वाल में एनएच-119 के अंतर्गत सतपुली से अगरोढा तक 32 किलोमीटर के सुदृढ़ीकरण कार्य व रुद्रप्रयाग में 900.32 मीटर लंबी टनल तथा अलकनंदा नदी पर राष्ट्रीय राजमार्ग 107 तथा राष्ट्रीय राजमार्ग 07 को जोड़ने के लिए 200 मीटर लंबे दीर्घ सेतु के निर्माण कार्य का शिलान्यास किया गया। इस अवसर पर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री जनरल डॉ. वी के सिंह, पशुपालन, डेयरी एवं मतस्यपालन राज्य मंत्री डॉ. संजीव कुमार बालियान, उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष प्रेम चंद अग्रवाल, उत्तराखंड के शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक, उत्तराखंड के सिंचाई, बाढ़ नियंत्रण, लघु सिंचाई एवं पर्यटन मंत्री सतपाल महराज, अल्मोड़ा से सांसद अजय टम्टा, पौड़ी गढ़वाल से लोकसभा सांसद तीरथ सिंह रावत और सहारनपुर से लोकसभा सांसद हाजी फजलुर्रहमान भी उपस्थित रहे।








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