Nitish Kumar, reservation

बिहार के सियासी रण में नीतीश का नया दांव, बोले- आबादी के हिसाब से ही मिलना चाहिए आरक्षण

बिहार में पहले चरण की वोटिंग के बाद अब 3 नवंबर को दूसरे चरण के लिए मतदान होने वाले हैं। दूसरे चरण की वोटिंग से पहले बिहार के मुख्यमंत्री नीतिश कुमार ने आबादी के हिसाब से आरक्षण का नया दांव खेला है। उनका कहना है कि उनकी हमेशा से यही राय रही है और वो इस पर कायम है कि जातियों को उनकी आबादी के हिसाब से ही आरक्षण मिलना चाहिए। गौरतलब है कि बिहार के रण में पार्टियां वोटों के लिए जी-तोड़ कोशिश कर रही हैं। 3 नवंबर को बिहार में दूसरे चरण की वोटिंग होने वाली है। रोजगार और कानून व्यवस्था से लेकर घोटालों की जमकर चर्चा हो रही है, लेकिन अब इन सब के बीच नीतीश कुमार ने आरक्षण का दांव खेला है।

वाल्मीकिनगर में नीतीश कुमार ने कहा कि जातियों को आबादी के हिसाब से आरक्षण मिलना चाहिए। असल में वाल्मीकि नगर में थारू जाति के काफी वोट हैं और ये जाति जनजाति में शुमार करने की मांग उठा रही है। इसी का समर्थन करते हुए नीतीश ने कहा कि जनगणना हम लोगों के हाथ में नहीं है, लेकिन हम चाहेंगे कि जितनी लोगों की आबादी है, उस हिसाब से लोगों को आरक्षण मिले। इसमें हमारी कोई दो राय नहीं है। सीएम नीतीश कुमार ने ये भी कहा कि थारू को आरक्षण का फायदा दिलाने के लिए वो सालों से कोशिश कर रहे हैं। तब से जब से वो अटल सरकार में रेल मंत्री थे। असल में यहां प्रचार करने के लिए पहुंचे नीतीश के सामने थारू जाति  ने पुरजोर तरीके से आरक्षण का मसला रखा था।