MP Ravi Kishan

धमकी से डरने वाला नहीं, ड्रग्स माफिया के खिलाफ आवाज उठाता रहूंगा : MP Ravi Kishan

अयोध्या: गोरखपुर से सांसद और बॉलीवुड अभिनेता रवि कशिन ने कहा कि वह किसी भी प्रकार की धमकी से डरने वाले नहीं हैं और ड्रग्स माफिया के खिलाफ आवाज उठाते रहेंगे। अयोध्या के सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत में रवि किशन ने कहा कि ड्रग्स के मामले में वह अपने बयान पर कायम हैं। उन्होंने कहा कि ड्रग्स माफिया के खिलाफ आवाज उठाने के बाद उन्हें भी धमकी मिली, लेकिन वह किसी के सामने झुकेंगे नहीं। 

अयोध्या में वचरुअल रामलीला में शिकरत करने पहुंचे गोरखपुर से भारतीय जनता पार्टी के सांसद रवि किशन ने साफ कहा कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर के ड्रग्स माफिया सिर्फ केवल नशीले पदार्थो की अवैध तस्करी में ही लिप्त नहीं हैं, बल्कि आतंकियों को हथियार तक मुहैया कराते हैं। अयोध्या की रामलीला में भरत का किरदार निभाने पहुंचे सांसद रवि किशन ने बताया कि वह ड्रग्स माफिया के खिलाफ ही जल्द वेबसीरीज का निर्माण भी शुरू करेंगे। 

उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ सरकार के नोएडा में फिल्म सिटी बनाने की पहल से यूपी के युवाओं के लिए भी रोजगार की असीम संभावनाएं विकसित होंगी। हर युवा आईएएस या आईपीएस नहीं बन सकता, लेकिन रंगमंच में युवाओं के लिए असीम संभावनाएं हैं। उन्होंने अयोध्या के युवाओं से भी इस क्षेत्र में किस्मत आजमाने का आह्वान किया और कहा कि गोरखपुर में दस भोजपुरी फिल्मों की शूटिंग हो रही है। अयोध्या भी फिल्म निर्माण की दृष्टि से बेहद उपयोगी जगह है। 

उन्होंने कहा कि वह अयोध्या में फिल्मों की न केवल शूटिंग करेंगे, बल्कि इसे बढ़ावा देने में भी भूमिका निभाएंगे, जिससे यहां के युवाओं को रोजगार हासिल हो। सांसद ने कहा कि फिल्म निर्माण से न केवल रोजगार बढ़ता है, बल्कि क्षेत्र में अथक समृद्धि आती है और पर्यटन में भी इजाफा होता है। रवि किशन ने भोजपुरी फिल्मों के लिए अलग से सेंसर बोर्ड बनाने की भी वकालत की और कहा, ‘‘अब भोजपुरी के नाम पर कुछ लोग ईलता परोस रहे हैं। इसके खिलाफ सख्त कानून लाने की जरूरत है। इसके लिए संसद के अगले सत्र में भोजपुरी फिल्मों के लिए अलग से सेंसर बोर्ड बनाने की मांग भी उठाई जाएगी।’’ विपक्षी दलों के उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाने की बात को सिरे से खारिज करते हुए रवि किशन ने कहा कि पहले की सरकारों की तुलना में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शासनकाल में संगठित अपराधों की संख्या नगण्य हो गई है।