Annapurna Ashtami, Aarti

अन्नपूर्णा अष्टमी: आज सच्चे मन से करें माँ की आरती, खुश हो कर देंगी मनचाहा वरदान

हिन्दू धर्म में बहुत से देवी देवता हैं, जिनकी हमारे जीवन में बहुत महत्व हैं और इन्हीं में से माँ दुर्गा का रूप मानी जाने वाली अन्नपूर्णा माँ भी हैं। अन्नपूर्णा माँ सभी के घर में अन्न के क्षेत्र भर देती हैं। मनयता है के माँ इतनी दयालु है के जो कोई भक्त उनकी सच्चे मन से पूजा -अर्चना करता है उन पर अन्नपूर्णा माँ अपनी कृपा दृष्टि बनाये रखती हैं। आपको बी ता दें के वैसे आज अन्नपूर्णा अष्टमी है। इस दिन का हिन्दू धर्म में काफी महत्व है। इस दिन भक्त उपवास के साथ माता की कथा और उनकी आरती भी करते हैं। चलिए जानते हैं माँ की आरती -

माँ अन्नपूर्णा की आरती-

बारम्बार प्रणाम,
मैया बारम्बार प्रणाम ।

जो नहीं ध्यावे तुम्हें अम्बिके,
कहां उसे विश्राम ।
अन्नपूर्णा देवी नाम तिहारो,
लेत होत सब काम ॥

बारम्बार प्रणाम,
मैया बारम्बार प्रणाम ।

प्रलय युगान्तर और जन्मान्तर,
कालान्तर तक नाम ।
सुर सुरों की रचना करती,
कहाँ कृष्ण कहाँ राम ॥

बारम्बार प्रणाम,
मैया बारम्बार प्रणाम ।
चूमहि चरण चतुर चतुरानन,
चारु चक्रधर श्याम ।
चंद्रचूड़ चन्द्रानन चाकर,
शोभा लखहि ललाम ॥
बारम्बार प्रणाम,
मैया बारम्बार प्रणाम

देवि देव! दयनीय दशा में,
दया-दया तब नाम ।
त्राहि-त्राहि शरणागत वत्सल,
शरण रूप तब धाम ॥

बारम्बार प्रणाम,
मैया बारम्बार प्रणाम ।

श्रीं, ह्रीं श्रद्धा श्री ऐ विद्या,
श्री क्लीं कमला काम ।
कांति, भ्रांतिमयी, कांति शांतिमयी,
वर दे तू निष्काम ॥

बारम्बार प्रणाम,
मैया बारम्बार प्रणाम ।

॥ माता अन्नपूर्णा की जय ॥




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