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राजस्थान के समन्वित विकास में सभी वर्गों की भागीदारी जरूरी: गहलोत

जयपुर : राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शनिवार को कहा कि राज्य के समन्वित विकास के लिए समाज के सभी वर्गों की भागीदारी जरूरी है।गहलोत मुख्यमंत्री निवास से वीडियो कान्फ्रेन्स के माध्यम से स्वैच्छिक संगठनों, नागरिक समाज व उपभोक्ता मंच के प्रतिनिधियों के साथ बजट पूर्व संवाद कर रहे थे।उन्होंने कहा कि बजट तैयार करने में सभी के सुझावों को शामिल करने के साथ ही राज्य सरकार समाज के हर वर्ग के लिए बजट में समुचित प्रावधान करके प्रदेश के विकास में उनकी भागीदारी बढ़ाने का हर संभव प्रयास करेगी।उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस महामारी के कारण आए संकट के दौरान स्वयंसेवी संगठनों ने जरूरतमंदों की मदद करने में राज्य सरकार का पूरा सहयोग किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सामाजिक सुरक्षा से जुड़े कार्यों में राज्य सरकार ने हमेशा प्रगतिशील सोच के साथ फैसले लिये हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में गरीबों व वंचित वर्गों को केन्द्र में रखकर उनका जीवन स्तर ऊपर उठाने के लिए कई कदम उठाए गए।उन्होंने कहा कि वर्ष 2020-21 में महात्मा गांधी नरेगा योजना के तहत कुल 37 करोड़ 19 लाख मानव दिवस सृजित करके राज्य के 70.93 लाख परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराया गया। उन्होंने कहा कि नरेगा श्रमिकों को समय पर भुगतान सुनिश्चित किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की योजनाओं व कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करने के साथ ही उनके प्रभावी क्रियान्वयन में नागरिक संगठनों एवं एनजीओ की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। उन्होंने कहा कि स्थानीय आवशय़कता के अनुसार नवाचार अथवा नई योजना की आवशय़कता के संबंध में दिए गए मूल्यवान एवं सारर्गिभत सुझावों को आगामी बजट में स्थान देने का पूरा प्रयास किया जाएगा।बैठक में भाग लेने वाले स्वैच्छिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने कोरोना वायरस के बेहतरीन प्रबंधन के लिए मुख्यमंत्री गहलोत के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा उठाये गए कदमों की तारीफ की। उन्होंने कहा कि राजस्थान सरकार के प्रबंधन की देश-विदेश में सराहना हुई है।





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