Asia Pacific region

एशिया-प्रशांत क्षेत्र की शांति और स्थिरता क्षेत्रीय देशों के समान हितों से संबंधित

अमेरिका, जापान, भारत और ऑस्ट्रेलिया द्वारा स्थापित चतुर्भुज सुरक्षा वार्ता (Quad) व्यवस्था वर्ष 2007 में शुरू हुई। उसके बाद लंबे समय तक यह व्यवस्था निस्तब्ध बनी रही। वर्ष 2017 में अमेरिका ने इंडो-पैसिफिक रणनीति पेश की, तब उक्त व्यवस्था फिर से सक्रिय होने लगी। आजकल ऑस्ट्रेलिया ने घोषणा की कि वह भारत, जापान और अमेरिका के साथ अगले महीने आयोजित होने वाले मालाबार संयुक्त सैन्याभ्यास में भाग लेगा।

बताया जाता है कि मालाबार संयुक्त नौसेना अभ्यास वर्ष 1992 में शुरू हुआ था, जो पहले भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय सैन्याभ्यास था। वर्ष 2017 में जापान ने इसमें भाग लिया और स्थाई सदस्यता हासिल की। ऑस्ट्रेलिया ने वर्ष 2007 में इस सैन्याभ्यास में भाग लिया था, लेकिन चीन के कड़े विरोध की वजह से ऑस्ट्रेलिया इससे हट गया। अगले महीने आयोजित होने वाला सैन्याभ्यास सैन्य सहयोग में चार देशों का ठोस कदम माना जा रहा है, क्योंकि वह 13 साल बाद पहला मौका होगा जब सभी चार देश सैन्याभ्यास में भाग लेंगे।

मालाबार संयुक्त सैन्याभ्यास वर्ष 2018 में फिलीपींस और गुआम क्षेत्र के पास हुआ, फिर वर्ष 2019 में जापान के समुद्र तट के निकट हुआ, इस साल बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में आयोजित होगा। हालांकि अब तक चार देशों ने सैन्याभ्यास के ब्योरे के बारे में कोई जानकारी नहीं दी है, लेकिन उनका इरादा और उद्देश्य काफी स्पष्ट है।

इसको लेकर चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता चाओ लीच्येन ने कहा कि देशों के बीच सैन्य सहयोग क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए लाभदायक होना चाहिए। यह बिलकुल सच्चाई है। क्षेत्रीय शांति और स्थिरता देशों के विकास की महत्वपूर्ण गारंटी है, जो क्षेत्र के सभी देशों के हितों से संबंधित है। क्षेत्रीय स्थिति में तनाव होने और कोविड-19 महामारी फैलने की स्थिति में सैन्याभ्यास के तरीके से सहयोग संबंध दिखाना क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए लाभदायक नहीं है।

अब महामारी फिर भी दुनिया में फैल रही है, जिससे विभिन्न देशों के लोगों की सुरक्षा और जीवन पर प्रभाव पड़ा है। एक साथ महामारी की रोकथाम करना और आर्थिक पुनरुत्थान बढ़ाना एशिया और प्रशांत क्षेत्र के देशों के सामने मौजूद समान चुनौती है और सभी पक्षों के समान हितों के अनुरूप है। शीतयुद्ध की विचारधारा से क्षेत्रीय टकराव बनाना स्वयं और दूसरों के लिए हानिकारक है, यह खुद के पैरों पर कुल्हाड़ी मारने की तरह होगा।

(साभार---चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)