Bookman Sandeep

Bookman के नाम से पहचान बना चुके संदीप की Prime Minister Narendra Modi ने की प्रंशसा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने कार्यक्रम मन की बात में बच्चों तक शिक्षा पहुंचाने का प्रयास कर रहे हरियाणा के संदीप कुमार की भी तारीफ की। जरूरतमंद बच्चों तक शिक्षा पहुंचाने की अपनी इस पहल में संदीप खाली हो चुके पेन तक को फेंकने की बजाय उसी खाली पेन में रिफिल डालकर गरीब बच्चों तक पहुंचाते हैं। 

अपने जोश और जज्बे की बदौलत संदीप कुमार करीब तीन साल से 20 हजार बच्चों का भविष्य बना रहे हैं। उनके इस काम से प्रभावित होकर अधिकारी, शिक्षक, वकील आदि पेशों के 200 स्वयंसेवक भी उनसे जुड़कर इसमें मदद कर रहे हैं।

समाज में बड़ा बदलाव एक छोटी-सी सकारात्मक सोच और शुरुआत से भी हो सकता है। चंडीगढ़ के संदीप कुमार इसका जीता जागता उदाहरण बन गए हैं। बुकमैन के नाम से पहचान बना चुके संदीप ने खुद की सुविधाओं को छोड़ गरीब बच्चों को शिक्षित करने का बीड़ा उठाया है। उनके रद्दी से शिक्षा अभियान में अब लगातार युवा जुड़ते जा रहे हैं।

पुरानी किताबें इकट्ठा करना और उन्हें बस्तियों के गरीब और सरकारी स्कूलों में जरूरतमंद बच्चों तक पहुंचना इनका मिशन बन चुका है। पांच किताबों से मिशन की शुरुआत करने वाले संदीप की मेहनत का ही नतीजा है कि आज उनकी लाइब्रेरी में 30 हजार से अधिक स्कूली बच्चों के पढ़ने की किताबें जमा हो चुकी हैं। संदीप बच्चों के साथ-साथ बड़ों को भी पढ़ने के लिए जागरूक करते हैं। वह हर महीने की पांच तारीख को यूनिवर्सिटी में बुक स्टॉल लगाते हैं।

संदीप कुमार की समाजसेवा सिर्फ शिक्षा तक ही सीमित नहीं है। वह गरीब महिलाओं के स्वास्थ्य की चिंता करते हुए उन्हें सैनेटरी पैड भी मुहैया करवा रहे हैं। वह धनास की कच्ची कालोनी, पुलिस कालोनी, नयागांव की माली कालोनी, मोहाली की दसपुर, मुल्लापुर आदि कालोनियों की महिलाओं को यह सुविधा मुफ्त में दे रहे हैं। साथ ही लॉकडाउन के समय संदीप ने दिव्यांग स्टूडेंट्स की समस्या को समझते हुए किताबें रिकॉर्ड करना शुरू कर दिया। उन्होंने अब तक ग्रेजुएशन की 40 किताबें रिकॉर्ड की हैं।, जिसे वह नेत्रहीन स्टूडेंट्स तक पहुंचा रहे हैं।