Prime Minister, Vice President, Covid 19 vaccination

प्रधानमंत्री मोदी, उपराष्ट्रपति समेत अन्य लोगों ने ली कोविड-19 टीकाकरण की पहली खुराक

नयी दिल्लीः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा टीके की पहली खुराक लेने के साथ ही देश में वरिष्ठ नागरिकों और विभिन्न रोगों से पीड़ित 45 से 59 साल के लोगों के लिए सोमवार को कोविड-19 टीकाकरण अभियान का विस्तार हो गया। मोदी (70) को सुबह करीब साढ़े छह बजे अखिल भारतीय आयुíवज्ञन संस्थान (एम्स) में भारत बायोटेक के स्वदेशी ‘कोवैक्सीन’ टीके की पहली खुराक दी गई। बाद में, प्रधानमंत्री ने उन सभी लोगों से टीका लगवाने की अपील की, जो दूसरे चरण के टीकाकरण अभियान के तहत इसकी पात्रता रखते हैं।

एम्स के प्रमुख रणदीप गुलेरिया ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को सुबह करीब साढ़े छह बजे टीका लगाया गया और उसके बाद तय प्रक्रिया के मुताबिक करीब आधे घंटे तक उन्हें निगरानी में रखा गया, जिसके बाद वह चले गए। गुलेरिया ने कहा, ‘‘टीका लगवाने के बाद वह ठीक हैं।’’ उन्हें टीके की दूसरी खुराक 28 दिनों बाद दी जाएगी। देश में वर्तमान में ‘कोवैक्सीन’ के अलावा ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका के टीके ‘कोविशील्ड’ की खुराक भी दी जा रही है। देश में स्वास्थ्यर्किमयों और सफाई र्किमयों के लिए 16 जनवरी को टीकाकरण अभियान की शुरुआत हुई थी। वहीं, टीकाकरण अभियान के विस्तार पर देश में सरकारी और निजी स्वास्थ्य केंद्रों पर टीका लेने के लिए हजारों लोग कतार में लगे। अभियान में तकनीकी अड़चनों की भी खबरें आयीं और कुछ लोगों ने कहा कि उन्हें कोविन ऐप पर पंजीकरण कराने में दिक्कत हुई।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रलय ने स्पष्ट किया कि प्ले स्टोर पर उपलब्ध कोविन ऐप सिर्फ प्रशासकों के इस्तेमाल के लिए है और कोविड-19 का टीका लगवाने के लिए कोविन पोर्टल पर पंजीकरण कराना होगा। मंत्रालय ने कहा कि दोपहर एक बजे तक कोविन पोर्टल पर दस लाख से अधिक नागरिकों ने पंजीकरण कराया। उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू, केंद्रीय मंत्री अमित शाह और एस जयशंकर, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक, राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र, तमिलनाडु के राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित, राकांपा अध्यक्ष शरद पवार, इन्फोसिस के सह संस्थापक एन आर नारायणमूर्ति और क्रिस गोपालकृष्णन समेत अन्य शख्सियतों ने भी टीके की पहली खुराक ली। कर्नाटक में 97 वर्षीय व्यक्ति को टीके की पहली खुराक दी गयी। कुछ लोग टीका लेने के लिए व्हीलचेयर पर आए थे। पंजीकरण सुबह नौ बजे शुरू हुआ वहीं प्रधानमंत्री ने सबसे पहले टीके की खुराक ली। सुबह सात बजकर छह मिनट पर मोदी ने ट्वीट किया, ‘‘मैंने एम्स में कोविड-19 टीके की पहली खुराक ली। कोविड-19 के खिलाफ वैश्विक लड़ाई में हमारे डॉक्टरों और वैज्ञनिकों ने बहुत कम समय में असाधारण काम किया है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं उन सभी लोगों से कोरोना वायरस का टीका लगवाने की अपील करता हूं, जो इसके पात्र हैं। हम सब मिलकर भारत को कोविड-19 से मुक्त बनाएंगे।’’ गुलेरिया ने बताया कि प्रधानमंत्री के टीका लगवाने के बारे में एम्स को रविवार देर रात सूचना दी गई और उनके लिये कोई विशेष प्रबंध नहीं किये गए।

गुलेरिया ने कहा, ‘‘क्योंकि सोमवार (कामकाजी) का दिन था इसलिये उन्होंने सुबह जल्दी टीका लगवाने का फैसला किया जिससे अस्पताल आने वाले अन्य मरीजों को किसी तरह की असुविधा न हो।’’ पुडुचेरी की रहने वाली नर्स पी निवेदा ने प्रधानमंत्री को टीके की पहली खुराक दी। निवेदा ने बाद में संवाददाताओं से कहा कि टीका लगवाने के बाद प्रधानमंत्री ने उनसे कहा, ‘‘लगा भी दिया, पता भी नहीं चला।’’ केरल की रहने वाली और नर्स रोसम्मा अनिल ने कहा कि यह उनके लिए बहुत खुशी वाला दिन है। उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए कि प्रधानमंत्री मोदी जी टीका लगवाने के लिए एम्स आए।’’ प्रधानमंत्री मोदी भी दुनिया के उन नेताओं में शामिल हो गए हैं जिन्होंने कोविड-19 के टीके की खुराक लेकर लोगों के मन में टीका को लेकर भरोसा बढ़ाया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने कहा कि प्रधानमंत्री ने स्वदेशी तौर पर विकसित कोविड-19 टीका लिया है जिसके बाद उसके दुष्प्रभावों को लेकर लोगों में जो संदेह हैं वे सभी दूर हो जाने चाहिए। मंत्री ने एक ट्वीट में कहा कि वह मंगलवार को टीका लगवाएंगे। हैदराबाद की टीका निर्माता कंपनी भारत बायोटेक ने कहा कि कोरोना वायरस टीके की पहली खुराक लेकर प्रधानमंत्री ने एक उदाहरण प्रस्तुत किया है और उनके इस कदम से महामारी के खिलाफ चल रहे टीकाकरण अभियान को बढ़ावा मिलेगा। पहले ही दिन टीके की खुराक लेने के लिये प्रधानमंत्री की सराहना करते हुये भारत बायोटेक इंटरनेशनल लिमिटेड के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक कृष्णा इला ने कोवैक्सीन में भरोसा जताने के लिये मोदी का आभार जताया।















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