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कोरोना वायरस की मार से उबर रहा रेलवे, 3 महीने में कमाए 2325 करोड़ रुपए

नई दिल्लीः चालू वित्त वर्ष में पहली बार भारतीय रेलवे की यात्री सेवाओं से आय, खर्च से अधिक रही है। दूसरी तिमाही में रेलवे का इस श्रेणी से राजस्व 2,325 करोड़ रुपए रहा है। सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत मिली जानकारी के अनुसार 167 साल के इतिहास में पहली बार भारतीय रेलवे ने चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में टिकट बुकिंग से हुई आय से ज्यादा राशि लोगों को रिफंड की। इस तरह रेलवे की आय खर्च के मुकाबले कम यानी 1,066 करोड़ रुपए नुकसान में रही।

RTI में खुलासा
यह जानकारी मध्य प्रदेश के चंद्र शेखर गौड़ ने आरटीआई के तहत मांगी थी। हालांकि रेलवे की माल ढुलाई से होने वाली कमाई मजबूत बनी रही। पहली तिमाही की तुलना में दूसरी तिमाही में यह 5,873.64 करोड़ रुपए बढ़ गई। वित्त वर्ष 2020-21 की पहली तिमाही में कोरोना वायरस संकट के चलते रेलवे की यात्री सेवाएं पूरी तरह बंद रहीं। ऐसे में रेलवे को यात्री खंड में अप्रैल में 531.12 करोड़ रुपए, मई में 145.24 करोड़ रुपए और जून में 390.6 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ।

रेलवे की कमाई
आंकड़ों के मुताबिक यात्री सेवाएं बहाल होने और चरणबद्ध तरीके से 800 रेलगाड़ियों का परिचालन करने के चलते रेलवे की यात्री सेवा खंड से आय में सुधार हुआ है। रेलवे ने इस खंड से जुलाई में 560.99 करोड़ रुपए, अगस्त में 830.55 करोड़ रुपए और सितंबर में 934.16 करोड़ रुपए की आय दर्ज की। इस प्रकार 2020-21 की जुलाई-सितंबर तिमाही में रेलवे की यात्री सेवाओं से कुल आय 2,325.7 करोड़ रुपए रही। चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही की समाप्ति पर भारतीय रेलवे की यात्री किराये से कुल आय 1,258.74 करोड़ रुपए रही। जबकि माल ढुलाई से आय 49,347.62 करोड़ रुपए रही।