Xinjiang

शिनच्यांग में पुनर्वास नीति से होती गरीबी उन्मूलन

चीन साल 2020 तक गरीबी उन्मूलन के लिए दृढ़ है। सात साल के प्रयासों के माध्यम से, मौजूदा मानकों के तहत गरीबी में रहने वाले लोगों की संख्या में उल्लेखनीय रूप से गिरावट आई है। अगर पश्चिमी चीन के शिनच्यांग उइगर स्वायत्त क्षेत्र की बात करें तो उसकी आखिरी शेष 10 गरीब काउंटियां अब पूर्ण गरीबी से बाहर निकल आयी हैं। ये सभी 10 काउंटी दक्षिणी शिनच्यांग में हैं, जहां देश का सबसे बड़ा रेगिस्तान स्थित है। कठोर प्राकृतिक वातावरण और खराब बुनियादी ढांचे के कारण स्थानीय लोगों की स्थिर आय और सार्वजनिक सेवाओं तक सीमित पहुंच हुआ करती थी।

हाल के वर्षों में, स्थानीय सरकार ने लोगों की परिस्थितियों को सुधारने के लिए रोजगार, शिक्षा और चिकित्सा सेवाओं को बढ़ावा देने के लिए खास जोर दिया है, जिसमें राजकोषीय बजट का 70 प्रतिशत से अधिक लोगों की भलाई सुनिश्चित करने और सुधारने पर खर्च किया गया है।

चूंकि स्थानीय सरकार ने गरीब निवासियों के लिए एक पुनर्वास नीति बनाई है, जिससे गरीब ग्रामीणों को रहने का पक्का मकान, साथ ही रोजगार के अवसर मिल रहे हैं।

शिनच्यांग उइगर स्वायत्त क्षेत्र के होटन काउंटी में यींगावाती कस्बे के हेखांगशिन गांव में 286 गरीब परिवारों को गरीबी उन्मूलन के तहत स्थानांतरित किया गया। 30 वर्ष के उइगर युवा यासीन अपनी पत्नी के साथ इस पुनर्वास मकान में रहता है, जो सरकार द्वारा निशुल्क दिया गया है। 

यासीन ने स्थानीय सरकार को पुनर्वास मकान के लिए आवेदन दिया था, और जुलाई, 2018 में वह अपनी पत्नी हवानीसा के साथ इस गांव में स्थानांतरित हुए। उनका नया घर एक हीटर, नल के पानी, गैस और यहां तक कि इंटरनेट से पूरी तरह सुसज्जित है। उनके दो बच्चे हैं, जो गांव के नजदीक वाले स्कूल में पढ़ने के लिए जाते हैं।

नये गांव में स्थानांतरित होने के बाद यासीन और उनकी पत्नी दोनों ने फल बेचना का काम शुरू किया, और अपनी आय में वृद्धि की। दोनों पति और पत्नी फल बेचकर हर माह 7,000 युआन (70,000 रुपये) कमा लेते हैं। 
इसके अलावा, यासीन को स्थानीय सरकार की तरफ से 1 मू (666.7 वर्ग मीटर) भूमि भी मिली है, जहां ग्रीनहाउस सब्जियां उगा सकते हैं। उन्होंने उस भूमि के टुकड़े को किराये पर दे दिया है, जिससे उनको किराया आता है। 

जबकि पहले वाले गांव में उनके पास एक कच्चा मकान था, और खेती के अलावा रोजगार का अन्य साधन नहीं था। तब वह हर माह सिर्फ 2,000 युआन (20,000 रूपये) ही कमा पाते थे। लेकिन अब उनकी फल बेचकर और भूमि के किराये से ठीक-ठाक आय अर्जित हो जाती है।

देखा जाए तो चीन की पुनर्वास नीति से न केवल रहने के माहौल में सुधार हुआ है, बल्कि गरीब ग्रामीणों के लिए रोजगार के नए अवसर भी बने हैं। यकीनन, आगे बढ़ने के लिए लोगों को आजीविका कमाने का दूसरा साधन खोजने की आवश्यकता है।

इस पुनर्वास स्थल में यासीन के परिवार के साथ अन्य 32 परिवार भी स्थानांतरित हुए थे। उन सभी परिवारों को सरकार की ओर से निशुल्क मकान मिले हैं, और सब्जियां या फल उगाने के लिए भूमि भी मिली हैं। 
वर्तमान में, यासीन और उनकी पत्नी हवानीसा एक बेहतर और खुशहाल जीवन बिता रहे हैं। उनके चेहरे पर संतोष के भाव दिखाई देते हैं, साथ ही, वे दोनों सरकार के प्रति कृतज्ञ भी हैं।
(अखिल पाराशर, चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)


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