Wang Yi

वास्तविकता के सामने अफवाह हार जाती है :वांग यी

स्थानीय समयानुसार 30 अगस्त को चीनी स्टेट कॉसिलर व विदेश मंत्री वांग यी ने फ्रांस के अंतर्राष्ट्रीय संबंध अनुसंधान प्रतिष्ठान में भाषण दिया और मेहमानों के सवालों के जवाब भी दिये।

यूरोपीय संसद के एक सदस्य ने यह सवाल पूछा कि जलवायु परिवर्तन के मुकाबले में चीन की कथन व कार्रवाई बराबर नहीं है। चीन के पास महान सभ्यता है, लेकिन जनता पर दबाव नहीं डालना चाहिये। शिनच्यांग व हांगकांग के मामलों पर चीन की नीति यूरोपीय संघ के विचार से मेल नहीं खाती।

इसकी चर्चा में वांग यी ने कहा कि आप का सवाल बहुत तेज है। लेकिन यह जाहिर हुआ है कि आपने वास्तविकता को नहीं जाना। उदाहरण के लिये जलवायु परिवर्तन के पक्ष में चीन का रुख न सिर्फ़ बहुत स्पष्ट है, बल्कि चीन ने दृढ़ता से कार्रवाई भी की है। पहला, हमने विभिन्न पक्षों से आए दबाव को दूर करके फ्रांस के साथ मील के पत्थर जैसे पेरिस समझौते पर हस्ताक्षर करने को मजबूत किया।

दूसरा, चीन ने निश्चित समय से दो साल पहले वर्ष 2020 कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन को कम करने का लक्ष्य पूरा किया। वर्ष 2000 के बाद दुनिया में नये हरित क्षेत्र का एक चौथाई हिस्सा चीन से आता है। तीसरा, चीन पारिस्थितिक सभ्यता समाज के निर्माण के लिये नयी योजना बना रहा है, और ज्यादा दीर्घकालीन लक्ष्य का अध्ययन कर रहा है। इन सभी वास्तविकता व आंकड़ों से यह जाहिर हुआ है कि चीन ने न सिर्फ़ वचन दिया है, बल्कि वचन का पालन भी किया है।

वांग यी के अनुसार महान सभ्यता महान जनता से पैदा हुई है। प्यू रिसर्च सेंटर व हार्वर्ड विश्वविद्यालय समेत कई अंतर्राष्ट्रीय मतदान एजेंसियों द्वारा दिये गये आंकड़ों के अनुसार चीन की सत्तारुढ़ पार्टी व चीन सरकार के प्रति चीनी जनता की लोकप्रियता हर बार विश्व में सबसे आगे है, जो 90 प्रतिशत से अधिक है। अगर जनता के मानवाधिकारों की रक्षा अच्छी तरह से नहीं की गयी, तो जनता का समर्थन कैसे मिल सका?

वांग यी ने कहा कि हांगकांग व शिनच्यांग के मामले पर मैं सबसे पहले इस पर बल देना चाहता हूं कि यह चीन के अंदरूनी मामले हैं, जिनमें विदेशियों को हस्तक्षेप करने का अधिकार नहीं है। हमने कभी अन्य देशों के अंदरूनी मामलों की चर्चा नहीं की। क्योंकि हमें विश्वास है कि विभिन्न देशों की सरकारें अपना काम अच्छी तरह से कर सकती हैं, और अपना कर्तव्य भी अच्छी तरह से निभा सकती हैं।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)